📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Anchal lilhare
धर्म
उज्जैन: आषाढ़ कृष्ण पंचमी पर भस्म आरती के दौरान खुले बाबा महाकाल के त्रिनेत्र
✍️ Amar Ujala · Ujjain
🗓 04 जुल. 2026, 02:31 AM
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शनिवार की सुबह उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में भव्य भस्म आरती के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के त्रिनेत्र खुले रहने के दिव्य दर्शन किए। यह अवसर आषाढ़ कृष्ण पंचमी तिथि पर संपन्न हुआ।
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार की सुबह आषाढ़ कृष्ण पंचमी के अवसर पर एक भव्य भस्म आरती का आयोजन किया गया। इस अनुष्ठान का एक महत्वपूर्ण आकर्षण बाबा महाकाल के त्रिनेत्र का खुला रहना रहा, जिसे श्रद्धालुओं ने दिव्य दर्शन के रूप में अनुभव किया।
इस शुभ अवसर के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में भक्तगण मंदिर में एकत्रित हुए थे। कई श्रद्धालु शुक्रवार की रात से ही कतारों में लग गए थे, जो इस पवित्र क्षण को देखने के लिए उत्सुक थे। भस्म आरती के दौरान त्रिनेत्र का खुला रहना भक्तों के लिए एक विशेष आध्यात्मिक अनुभव माना जाता है।
भस्म आरती, जो सूर्योदय के समय की जाने वाली एक अनूठी पूजा है, इसमें देवता को भस्म अर्पित की जाती है। आषाढ़ कृष्ण पंचमी पर आयोजित इस वर्ष की आरती में हजारों भक्तों ने भाग लिया, जो मंदिर के एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में महत्व को दर्शाता है।
इस शुभ अवसर के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में भक्तगण मंदिर में एकत्रित हुए थे। कई श्रद्धालु शुक्रवार की रात से ही कतारों में लग गए थे, जो इस पवित्र क्षण को देखने के लिए उत्सुक थे। भस्म आरती के दौरान त्रिनेत्र का खुला रहना भक्तों के लिए एक विशेष आध्यात्मिक अनुभव माना जाता है।
भस्म आरती, जो सूर्योदय के समय की जाने वाली एक अनूठी पूजा है, इसमें देवता को भस्म अर्पित की जाती है। आषाढ़ कृष्ण पंचमी पर आयोजित इस वर्ष की आरती में हजारों भक्तों ने भाग लिया, जो मंदिर के एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में महत्व को दर्शाता है।