📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / sheetal saini
स्थानीय
उज्जैन में 33 लाख दीपों की रोशनी, कार्तिक मेले में मोदी की विशाल दीप-आकृति
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 17 सित. 2026, 08:45 PM
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उज्जैन में तीन मिनट में 33 लाख दीपों की रोशनी छा गई, कार्तिक मेले में 50,000 वर्गफीट की मोदी की विशाल दीप-आकृति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
उज्जैन के प्राचीन गलियों को शनिवार को तीन मिनट में 33 लाख दीपों की रोशनी ने उजागर कर दिया, जिससे शहर एक चमकते समुद्र में बदल गया। कार्यक्रम की शुरुआत आशीर्वाद के दीप जलाने से हुई, जो शाम के उत्सव का संकेत था।
मुख्य आकर्षण के रूप में कार्तिक मेले के मैदान में कलाकार फाल्गुनी अग्रवाल और उनकी टीम ने 50,000 वर्गफीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल दीप‑आकृति स्थापित की। हजारों LED बल्बों से बनी यह प्रकाश‑मूर्ति नेता की विस्तृत और बड़े आकार की छवि प्रस्तुत करती है।
आयोजकों का कहना है कि यह प्रदर्शन उज्जैन की सांस्कृतिक जीवंतता को दर्शाने और नागरिक गर्व को बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। बड़ी भीड़ ने इस दृश्य को अपने मोबाइल में कैद किया और तकनीकी कौशल की सराहना की।
स्थानीय प्राधिकरणों ने बड़े पैमाने पर प्रकाश व्यवस्था के बावजूद सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया, जिससे कार्यक्रम सुगमता से संपन्न हुआ। यह रोशनी कई घंटे तक जलती रहेगी, जिससे निवासियों और पर्यटकों को शहर का नया रात्री दृश्य देखने को मिलेगा।
यह प्रकाश‑समारोह महीने भर चलने वाले कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में से एक है, जिसका लक्ष्य मध्य भारत के इस शहर में पर्यटन और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है।
मुख्य आकर्षण के रूप में कार्तिक मेले के मैदान में कलाकार फाल्गुनी अग्रवाल और उनकी टीम ने 50,000 वर्गफीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल दीप‑आकृति स्थापित की। हजारों LED बल्बों से बनी यह प्रकाश‑मूर्ति नेता की विस्तृत और बड़े आकार की छवि प्रस्तुत करती है।
आयोजकों का कहना है कि यह प्रदर्शन उज्जैन की सांस्कृतिक जीवंतता को दर्शाने और नागरिक गर्व को बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। बड़ी भीड़ ने इस दृश्य को अपने मोबाइल में कैद किया और तकनीकी कौशल की सराहना की।
स्थानीय प्राधिकरणों ने बड़े पैमाने पर प्रकाश व्यवस्था के बावजूद सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया, जिससे कार्यक्रम सुगमता से संपन्न हुआ। यह रोशनी कई घंटे तक जलती रहेगी, जिससे निवासियों और पर्यटकों को शहर का नया रात्री दृश्य देखने को मिलेगा।
यह प्रकाश‑समारोह महीने भर चलने वाले कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में से एक है, जिसका लक्ष्य मध्य भारत के इस शहर में पर्यटन और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है।