📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suryansharma
धर्म
उज्जैन में प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा हटाने पर संतों का विरोध
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 08 सित. 2026, 02:39 PM
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पिछले पाँच दिनों से उज्जैन प्रशासन प्राचीन खड़े हनुमान प्रतिमा हटाने की कोशिश कर रहा है, परन्तु संतों और हिंदू संगठनों ने विरोध किया है।
उज्जैन के प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर में स्थित प्रतिमा, जो शहर के सबसे पुराने शिल्पों में से एक मानी जाती है, वर्तमान में एक तीव्र टकराव का केंद्र बन गई है। इस संगमरमर की मूर्ति ऊँचे मंच पर स्थापित है और तीर्थयात्रियों व स्थानीय भक्तों के लिए प्रमुख आकर्षण है।
शहर प्रशासन पिछले पाँच दिनों से प्रतिमा को हटाने का प्रयास कर रहा है, हालांकि कारण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किए गए हैं। क्रेन और सीढ़ियों से सुसज्जित टीमों ने कई बार साइट पर काम किया, परन्तु प्रत्येक बार संतों और हिंदू संगठनों के समूहों ने उन्हें रोक दिया।
प्रमुख संतों और कई हिंदू संगठनों ने मंदिर में इकट्ठा होकर कहा कि यह प्रतिमा धार्मिक भावना का जीवित प्रतीक है और इसे नहीं हटाया जाना चाहिए। वे इस असफलता को चमत्कार मानते हुए प्रशासन से धार्मिक संवेदनशीलता का सम्मान करने का आग्रह कर रहे हैं।
प्रशासन ने अब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की है और समुदाय के नेताओं के साथ संवाद जारी रखने को प्राथमिकता दी है। टकराव जारी है और अभी तक समाधान की कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं निकली है।
शहर प्रशासन पिछले पाँच दिनों से प्रतिमा को हटाने का प्रयास कर रहा है, हालांकि कारण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किए गए हैं। क्रेन और सीढ़ियों से सुसज्जित टीमों ने कई बार साइट पर काम किया, परन्तु प्रत्येक बार संतों और हिंदू संगठनों के समूहों ने उन्हें रोक दिया।
प्रमुख संतों और कई हिंदू संगठनों ने मंदिर में इकट्ठा होकर कहा कि यह प्रतिमा धार्मिक भावना का जीवित प्रतीक है और इसे नहीं हटाया जाना चाहिए। वे इस असफलता को चमत्कार मानते हुए प्रशासन से धार्मिक संवेदनशीलता का सम्मान करने का आग्रह कर रहे हैं।
प्रशासन ने अब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की है और समुदाय के नेताओं के साथ संवाद जारी रखने को प्राथमिकता दी है। टकराव जारी है और अभी तक समाधान की कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं निकली है।