उफनती महानदी के बीच पुलिस का साहसिक रेस्क्यू, 9 लोगों की बचाई जान
रात के अंधेरे में 3 किमी पैदल पहुंचे जवान, 200 मीटर गहरे बाढ़ के पानी को तैरकर पार कर आश्रम तक पहुंची टीम
लगातार बारिश के बाद उफनती महानदी के बीच धमतरी पुलिस ने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए लोमस ऋषि आश्रम एवं गौशाला में फंसे 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इनमें तीन मासूम बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग साधु और एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति शामिल थे। यह साहसिक रेस्क्यू अभियान 25 सितंबर की रात करीब 10 बजे सूचना मिलने के बाद शुरू हुआ और देर रात करीब 1 बजे तक चला।
पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन तथा एएसपी एवं एसडीओपी कुरूद के मार्गदर्शन में करेलीबड़ी चौकी पुलिस की टीम तत्काल रेस्क्यू के लिए रवाना हुई। नवागांव के ग्रामीणों ने सूचना दी थी कि कुलेश्वर महादेव मंदिर के पास स्थित लोमस ऋषि आश्रम एवं गौशाला चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है और वहां कई लोग फंसे हुए हैं।
आश्रम तक पहुंचने का मुख्य मार्ग पूरी तरह जलमग्न होने के कारण पुलिस जवानों ने नवागांव की ओर से नदी किनारे करीब 3 किलोमीटर का कच्चा रास्ता पैदल तय किया। इसके बाद चौकी प्रभारी सउनि राधेश्याम बंजारे, आरक्षक अनिल कुमार साहू और स्थानीय ग्रामीण नंदेश ध्रुव ने करीब 200 मीटर गहरे बाढ़ के पानी को तैरकर पार किया। टीम ने दो बार आवागमन कर आश्रम में फंसे लोगों तक पहुंच बनाई और उन्हें बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की।
लगातार बढ़ते जलस्तर और घुप अंधेरे के बीच जवानों ने बेहद सावधानी से रेस्क्यू अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद रात करीब 1 बजे तक सभी नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
रेस्क्यू किए गए लोगों में दुर्गेशचंद्र प्रधान, उनकी पत्नी पूनम प्रधान और उनके तीन बच्चे उपासना, अघनी व अंश शामिल हैं। इनके अलावा नेहरू राम साहू, 81 वर्षीय साधु धारानंद महात्मा, 77 वर्षीय फकलूरम महानंद तथा करीब 55 वर्षीय मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति को भी सुरक्षित निकाला गया।
रेस्क्यू अभियान में चौकी प्रभारी राधेश्याम बंजारे, प्रआर लोकेश नेताम, प्रआर हरिश सोरी, आरक्षक अनिल कुमार साहू, विश्वजीत वर्मा, यशवंत लहरी सहित ग्रामीण नंदेश साहू और सरपंच पति अवधराम साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस जवानों और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से बाढ़ के बीच फंसी नौ जिंदगियों को समय रहते सुरक्षित बचाया जा सका। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस टीम की इस मानवीय पहल और साहसिक कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार जताया।
पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन तथा एएसपी एवं एसडीओपी कुरूद के मार्गदर्शन में करेलीबड़ी चौकी पुलिस की टीम तत्काल रेस्क्यू के लिए रवाना हुई। नवागांव के ग्रामीणों ने सूचना दी थी कि कुलेश्वर महादेव मंदिर के पास स्थित लोमस ऋषि आश्रम एवं गौशाला चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है और वहां कई लोग फंसे हुए हैं।
आश्रम तक पहुंचने का मुख्य मार्ग पूरी तरह जलमग्न होने के कारण पुलिस जवानों ने नवागांव की ओर से नदी किनारे करीब 3 किलोमीटर का कच्चा रास्ता पैदल तय किया। इसके बाद चौकी प्रभारी सउनि राधेश्याम बंजारे, आरक्षक अनिल कुमार साहू और स्थानीय ग्रामीण नंदेश ध्रुव ने करीब 200 मीटर गहरे बाढ़ के पानी को तैरकर पार किया। टीम ने दो बार आवागमन कर आश्रम में फंसे लोगों तक पहुंच बनाई और उन्हें बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की।
लगातार बढ़ते जलस्तर और घुप अंधेरे के बीच जवानों ने बेहद सावधानी से रेस्क्यू अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद रात करीब 1 बजे तक सभी नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
रेस्क्यू किए गए लोगों में दुर्गेशचंद्र प्रधान, उनकी पत्नी पूनम प्रधान और उनके तीन बच्चे उपासना, अघनी व अंश शामिल हैं। इनके अलावा नेहरू राम साहू, 81 वर्षीय साधु धारानंद महात्मा, 77 वर्षीय फकलूरम महानंद तथा करीब 55 वर्षीय मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति को भी सुरक्षित निकाला गया।
रेस्क्यू अभियान में चौकी प्रभारी राधेश्याम बंजारे, प्रआर लोकेश नेताम, प्रआर हरिश सोरी, आरक्षक अनिल कुमार साहू, विश्वजीत वर्मा, यशवंत लहरी सहित ग्रामीण नंदेश साहू और सरपंच पति अवधराम साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस जवानों और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से बाढ़ के बीच फंसी नौ जिंदगियों को समय रहते सुरक्षित बचाया जा सका। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस टीम की इस मानवीय पहल और साहसिक कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार जताया।