📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / GeoEvan (www.polgeonow.com)
राजनीति
यूडीपी प्रतिनिधिमंडल ने मेघालय में कोयला खनन पुनर्जीवन हेतु एमएमडीआर अधिनियम में बदलाव की मांग की
✍️ shillongtoday.com
🗓 12 अग. 2026, 10:36 PM
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यूडीपी के प्रतिनिधिमंडल ने मेघालय सरकार से एमएमडीआर अधिनियम में संशोधन की मांग की है, ताकि राज्य के कोयला खनन क्षेत्र को पुनर्जीवित किया जा सके।
यूडीपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मेघालय सरकार के पास जाकर एमएमडीआर अधिनियम में बदलाव की मांग की। पार्टी के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान कानूनी ढाँचा कोयला खनन के लिए सीमाएँ तय करता है। वे ऐसे संशोधनों की माँग कर रहे हैं जो कोयला निष्कर्षण को अधिक लचीला बनाएँ और साथ ही पर्यावरणीय सुरक्षा को भी बनाए रखें।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कोयला क्षेत्र को पुनर्जीवित करने से मेघालय की अर्थव्यवस्था को रोजगार सृजन और राजस्व में वृद्धि मिलेगी। वे सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि एमएमडीआर अधिनियम को संशोधित किया जाए ताकि उद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बना रहे।
यह कदम यूडीपी के मेघालय में अपनी राजनीतिक प्रभाव को बढ़ाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। पार्टी आशा कर रही है कि संशोधित अधिनियम सतत खनन प्रथाओं के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा, जिससे अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों को लाभ होगा।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कोयला क्षेत्र को पुनर्जीवित करने से मेघालय की अर्थव्यवस्था को रोजगार सृजन और राजस्व में वृद्धि मिलेगी। वे सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि एमएमडीआर अधिनियम को संशोधित किया जाए ताकि उद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बना रहे।
यह कदम यूडीपी के मेघालय में अपनी राजनीतिक प्रभाव को बढ़ाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। पार्टी आशा कर रही है कि संशोधित अधिनियम सतत खनन प्रथाओं के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा, जिससे अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों को लाभ होगा।