📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Finance of India
बिज़नेस
उदय कोटक: रुपए को अपना स्तर खुद खोजने दें, कृत्रिम समर्थन की ज़रूरत नहीं
✍️ Business Standard
🗓 14 अक्टू. 2026, 09:48 AM
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बिज़नेस स्टैंडर्ड के उदय कोटक ने कहा है कि भारतीय रुपए की कीमत बाज़ार के नियमों के आधार पर तय होनी चाहिए, न कि कृत्रिम हस्तक्षेप से।
उदय कोटक, बिज़नेस स्टैंडर्ड के संस्थापक और संपादक-in-chief, ने भारतीय रुपए की मौजूदा स्थिति पर अपनी राय रखी है। उन्होंने हाल ही में एक बयान में कहा कि विदेशी मुद्रा बाज़ार में रुपए को अपनी संतुलित दर खुद तय करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
कोटक ने सुझाव दिया कि बाज़ार के नियम, न कि कृत्रिम समर्थन या कठोर हस्तक्षेप, रुपए की वास्तविक मूल्य निर्धारण के लिए सबसे प्रभावी तंत्र हैं। उनकी टिप्पणी एक व्यापक आर्थिक दृष्टिकोण को दर्शाती है, जो लचीले विनिमय दर तंत्र के पक्ष में है जो आपूर्ति और मांग की गतिशीलता के अनुसार प्रतिक्रिया देते हैं।
यह टिप्पणी उस समय आई है जब निवेशकों और नीति निर्माताओं द्वारा रुपए की प्रदर्शन पर नज़र रखी जा रही है। बाज़ार के स्व-सुधार स्तर की वकालत करके, कोटक ने यह बात रेखांकित की है कि आर्थिक मूलभूत तथ्य मुद्रा मूल्य को निर्धारित करने चाहिए।
यह lập trường कई अर्थशास्त्रियों के विचारों से मेल खाता है, जो तर्क देते हैं कि मुद्रा का अत्यधिक प्रबंधन कभी-कभी असंतुलन का कारण बन सकता है। ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि रुपए का मूल्य भारतीय अर्थव्यवस्था की नींव के स्वास्थ्य को दर्शाता हो।
कोटक ने सुझाव दिया कि बाज़ार के नियम, न कि कृत्रिम समर्थन या कठोर हस्तक्षेप, रुपए की वास्तविक मूल्य निर्धारण के लिए सबसे प्रभावी तंत्र हैं। उनकी टिप्पणी एक व्यापक आर्थिक दृष्टिकोण को दर्शाती है, जो लचीले विनिमय दर तंत्र के पक्ष में है जो आपूर्ति और मांग की गतिशीलता के अनुसार प्रतिक्रिया देते हैं।
यह टिप्पणी उस समय आई है जब निवेशकों और नीति निर्माताओं द्वारा रुपए की प्रदर्शन पर नज़र रखी जा रही है। बाज़ार के स्व-सुधार स्तर की वकालत करके, कोटक ने यह बात रेखांकित की है कि आर्थिक मूलभूत तथ्य मुद्रा मूल्य को निर्धारित करने चाहिए।
यह lập trường कई अर्थशास्त्रियों के विचारों से मेल खाता है, जो तर्क देते हैं कि मुद्रा का अत्यधिक प्रबंधन कभी-कभी असंतुलन का कारण बन सकता है। ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि रुपए का मूल्य भारतीय अर्थव्यवस्था की नींव के स्वास्थ्य को दर्शाता हो।