📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / DaSupremo
अपराध
डुप्लिकेट चाबियों से चोरी हुए लक्ज़री कारों के दो आरोपी राजस्थान में गिरफ्तार
✍️ India Today
🗓 19 अग. 2026, 08:37 PM
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पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर भारत भर में डुप्लिकेट चाबियों से लक्ज़री कारें चुराने और उन्हें राजस्थान में बेचने का आरोप है।
पुलिस की जाँच से पता चला है कि भारत के कई शहरों में लक्ज़री कारों की चोरी का एक जाल डुप्लिकेट चाबियों के उपयोग से चलाया गया था। मूल चाबियों की सटीक प्रतिलिपि बनाकर चोरों ने सुरक्षा प्रणाली को बायपास किया और बिना अलार्म बजाए महँगी कारें चुरा लीं।
संदेह है कि चोरी हुई कारों को राजस्थान के कुछ डीलरों को बेचा गया, जहाँ कम कड़ी जाँच के कारण ये वाहन अवैध रूप से बाजार में आ गए। इस तरह के पुनर्विक्रय ने अपराधियों को जल्दी से जल्दी धन कमाने का अवसर दिया।
एक समन्वित ऑपरेशन में पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिन्हें इस योजना के प्रमुख माना जा रहा है। दोनों को चोरी, नकली चाबियों के कब्जे और चोरी की गई कारों की अवैध बिक्री के आरोपों में हिरासत में रखा गया है। जाँच जारी है ताकि अन्य सहयोगियों को भी पकड़ा जा सके और गायब कारों को बरामद किया जा सके।
यह मामला चाबी क्लोनिंग तकनीक के दुरुपयोग से जुड़ी बढ़ती चिंताओं को उजागर करता है। पुलिस ने लक्ज़री कार मालिकों से अतिरिक्त सुरक्षा उपाय, जैसे बायोमेट्रिक इमॉबिलाइज़र और जीपीएस ट्रैकिंग, अपनाने की अपील की है, ताकि भविष्य में इसी प्रकार की चोरी रोकी जा सके।
संदेह है कि चोरी हुई कारों को राजस्थान के कुछ डीलरों को बेचा गया, जहाँ कम कड़ी जाँच के कारण ये वाहन अवैध रूप से बाजार में आ गए। इस तरह के पुनर्विक्रय ने अपराधियों को जल्दी से जल्दी धन कमाने का अवसर दिया।
एक समन्वित ऑपरेशन में पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिन्हें इस योजना के प्रमुख माना जा रहा है। दोनों को चोरी, नकली चाबियों के कब्जे और चोरी की गई कारों की अवैध बिक्री के आरोपों में हिरासत में रखा गया है। जाँच जारी है ताकि अन्य सहयोगियों को भी पकड़ा जा सके और गायब कारों को बरामद किया जा सके।
यह मामला चाबी क्लोनिंग तकनीक के दुरुपयोग से जुड़ी बढ़ती चिंताओं को उजागर करता है। पुलिस ने लक्ज़री कार मालिकों से अतिरिक्त सुरक्षा उपाय, जैसे बायोमेट्रिक इमॉबिलाइज़र और जीपीएस ट्रैकिंग, अपनाने की अपील की है, ताकि भविष्य में इसी प्रकार की चोरी रोकी जा सके।