📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / This Photo was taken by Timothy A. Gonsalves. Fee
शिक्षा
गुजरात विश्वविद्यालय में दो छात्र आत्महत्या, एबीवीपी का विरोध, पुलिस कार्रवाई
✍️ India Today
🗓 25 सित. 2026, 05:31 PM
👁 15
गुजरात के एक विश्वविद्यालय में छह दिनों में दो छात्रों की आत्महत्या हुई, जिससे एबीवीपी ने विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस ने जांच शुरू की।
गुजरात के एक विश्वविद्यालय में छह दिनों के भीतर दो छात्रों की आत्महत्या हुई, जिससे कैंपस में शोक और चिंता का माहौल बन गया। यह दो घटनाएँ क्रमिक रूप से घटित हुईं, जो संस्थान के लिए एक दुखद अवधि को दर्शाती हैं।
शासन पक्ष के छात्र संघ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें वे छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य सहायता और एक व्यापक जांच की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक भवन के पास प्लाकेट पकड़े और जवाबदेही की पुकार करते हुए नारे लगाए।
गुजरात पुलिस ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज की और जांच टीम तैनात की। अधिकारियों ने बताया कि वे मृत्यु के कारणों की जाँच करेंगे, गवाहों से पूछताछ करेंगे और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा करेंगे। विश्वविद्यालय ने शोक व्यक्त किया और जांच में सहयोग का आश्वासन दिया, साथ ही छात्रों को काउंसलिंग सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
इन दो आत्महत्याओं और एबीवीपी के विरोध ने राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्र कल्याण के मुद्दों को उजागर किया है, जिससे रोकथाम उपायों को सुदृढ़ करने की मांग बढ़ी है।
शासन पक्ष के छात्र संघ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें वे छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य सहायता और एक व्यापक जांच की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक भवन के पास प्लाकेट पकड़े और जवाबदेही की पुकार करते हुए नारे लगाए।
गुजरात पुलिस ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज की और जांच टीम तैनात की। अधिकारियों ने बताया कि वे मृत्यु के कारणों की जाँच करेंगे, गवाहों से पूछताछ करेंगे और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा करेंगे। विश्वविद्यालय ने शोक व्यक्त किया और जांच में सहयोग का आश्वासन दिया, साथ ही छात्रों को काउंसलिंग सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
इन दो आत्महत्याओं और एबीवीपी के विरोध ने राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्र कल्याण के मुद्दों को उजागर किया है, जिससे रोकथाम उपायों को सुदृढ़ करने की मांग बढ़ी है।