📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gurtej Chauhan
विज्ञान
अरुणाचल प्रदेश में पाई गई दो नई एकाकी मधुमक्खी प्रजातियाँ
✍️ News18
🗓 13 जुल. 2026, 11:18 PM
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वैज्ञानिकों ने अरुणाचल प्रदेश के वन क्षेत्रों में दो नई एकाकी मधुमक्खी प्रजातियों की पहचान की, जिससे भारत की जैव विविधता समृद्ध हुई।
भारतीय विज्ञान संस्थान और वन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी हिमालयी वनों में दो नई एकाकी मधुमक्खी प्रजातियों की खोज की। ये प्रजातियाँ क्षेत्र में पोलन सर्वेक्षण के दौरान एकत्र की गईं।
एकाकी मधुमक्खियाँ, शहद की मधुमक्खियों के विपरीत, कॉलोनी में नहीं रहतीं। वे मूल पौधों के परागण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखती हैं।
नई प्रजातियाँ घने उपोष्णकटिबंधीय वनों में 800 से 1200 मीटर के ऊँचाई पर पाई गईं, जो अभी तक कीट विविधता के लिए कम खोजी गई जगह है।
वैज्ञानिक आगे के अध्ययन के लिए योजनाएँ बना रहे हैं ताकि इन मधुमक्खियों के व्यवहार और संरक्षण कार्यक्रमों में संभावित उपयोग का पता लगाया जा सके, जिससे उत्तर-पूर्व के नाजुक पारिस्थितिक तंत्र की रक्षा हो सके।
एकाकी मधुमक्खियाँ, शहद की मधुमक्खियों के विपरीत, कॉलोनी में नहीं रहतीं। वे मूल पौधों के परागण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखती हैं।
नई प्रजातियाँ घने उपोष्णकटिबंधीय वनों में 800 से 1200 मीटर के ऊँचाई पर पाई गईं, जो अभी तक कीट विविधता के लिए कम खोजी गई जगह है।
वैज्ञानिक आगे के अध्ययन के लिए योजनाएँ बना रहे हैं ताकि इन मधुमक्खियों के व्यवहार और संरक्षण कार्यक्रमों में संभावित उपयोग का पता लगाया जा सके, जिससे उत्तर-पूर्व के नाजुक पारिस्थितिक तंत्र की रक्षा हो सके।