📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / SPhoolkumar
विज्ञान
त्रिपुरा विश्वविद्यालय के शोधकर्ता बनाये सिवासागर गांवों के लिए बाढ़ के पानी को पीने योग्य
✍️ indiatodayne.in
🗓 10 अग. 2026, 03:48 PM
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त्रिपुरा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने बाढ़ के पानी को पीने योग्य बनाने का समाधान पेश किया, जिससे सिवासागर के गांवों को राहत मिली।
असम के सिवासागर जिले में हाल के महीनों में गंभीर बाढ़ ने कई गांवों को साफ पीने योग्य पानी से वंचित कर दिया।
इसके जवाब में त्रिपुरा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की एक टीम ने बाढ़ के पानी को सुरक्षित पीने योग्य पानी में बदलने की एक तकनीक विकसित की है।
शोधकर्ताओं का यह तरीका फिल्टरेशन और कीटाणुशोधन के कई चरणों से होकर पानी से प्रदूषक और रोगजनक हटाता है।
अब स्थानीय निवासियों के पास एक नया पीने योग्य पानी का स्रोत उपलब्ध है, और इस परियोजना को अन्य बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों में लागू करने के लिए आशावादी मॉडल के रूप में सराहा जा रहा है।
इसके जवाब में त्रिपुरा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की एक टीम ने बाढ़ के पानी को सुरक्षित पीने योग्य पानी में बदलने की एक तकनीक विकसित की है।
शोधकर्ताओं का यह तरीका फिल्टरेशन और कीटाणुशोधन के कई चरणों से होकर पानी से प्रदूषक और रोगजनक हटाता है।
अब स्थानीय निवासियों के पास एक नया पीने योग्य पानी का स्रोत उपलब्ध है, और इस परियोजना को अन्य बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों में लागू करने के लिए आशावादी मॉडल के रूप में सराहा जा रहा है।