📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kingshuk Mondal
राजनीति
त्रिपुरा लोकायुक्त ने भाजपा और टिप्रा मोथा पर टीटीएएडीसी भर्ती प्रक्रिया के दुरुपयोग का आरोप लगाया
✍️ India Today NE
🗓 25 अग. 2026, 12:36 AM
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त्रिपुरा लोकायुक्त ने कहा है कि भाजपा और टिप्रा मोथा ने टीटीएएडीसी की भर्ती प्रक्रिया का दुरुपयोग किया है।
त्रिपुरा लोकायुक्त ने त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्रों स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) की भर्ती प्रक्रिया में भाजपा और टिप्रा मोथा पार्टी द्वारा दखल देने का आरोप लगाया है। लोकायुक्त ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि दोनों राजनीतिक दलों ने चयन प्रक्रिया को प्रभावित किया, जिससे उसकी निष्पक्षता और पारदर्शिता पर प्रश्न उठे हैं।
शिकायत में उम्मीदवारों की सूची में पक्षपात, शॉर्टलिस्टिंग में अनावश्यक हस्तक्षेप और पार्टी के सहयोगियों को प्राथमिकता देने जैसी अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। हालांकि इन आरोपों के विस्तृत विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लोकायुक्त ने संबंधित प्राधिकरणों से पूरी जांच करने का आग्रह किया है।
यह आरोप उत्तरपूर्व के कई स्वायत्त परिषदों में भर्ती प्रक्रियाओं पर चल रही जांच के बीच आया है, जहाँ राजनीतिक हस्तक्षेप की चिंताएँ पहले भी उठी थीं। लोकायुक्त ने टीटीएएडीसी की भर्ती प्रणाली में भरोसा बहाल करने के लिए त्वरित सुधारात्मक कदमों की मांग की है।
रिपोर्टिंग के समय तक भाजपा या टिप्रा मोथा से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इस मामले की आगे की जांच राज्य के भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसियों द्वारा की जाएगी और संभावित कानूनी या प्रशासनिक कार्यवाही हो सकती है।
शिकायत में उम्मीदवारों की सूची में पक्षपात, शॉर्टलिस्टिंग में अनावश्यक हस्तक्षेप और पार्टी के सहयोगियों को प्राथमिकता देने जैसी अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। हालांकि इन आरोपों के विस्तृत विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लोकायुक्त ने संबंधित प्राधिकरणों से पूरी जांच करने का आग्रह किया है।
यह आरोप उत्तरपूर्व के कई स्वायत्त परिषदों में भर्ती प्रक्रियाओं पर चल रही जांच के बीच आया है, जहाँ राजनीतिक हस्तक्षेप की चिंताएँ पहले भी उठी थीं। लोकायुक्त ने टीटीएएडीसी की भर्ती प्रणाली में भरोसा बहाल करने के लिए त्वरित सुधारात्मक कदमों की मांग की है।
रिपोर्टिंग के समय तक भाजपा या टिप्रा मोथा से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इस मामले की आगे की जांच राज्य के भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसियों द्वारा की जाएगी और संभावित कानूनी या प्रशासनिक कार्यवाही हो सकती है।