📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Samdb2022
राजनीति
त्रिपुरा के राजकुमार प्राद्योत ने गवर्नर से 18 टीटीएएडीसी बिलों पर कार्रवाई का आग्रह, छठी अनुसूची के भूमि अधिकारों पर ज़ोर
✍️ Northeast Today
🗓 27 अग. 2026, 03:47 AM
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राजकुमार प्राद्योत ने त्रिपुरा के गवर्नर को 18 टीटीएएडीसी बिलों पर शीघ्र कार्रवाई करने का अनुरोध किया, साथ ही छठी अनुसूची के तहत जनजातीय भूमि अधिकारों पर बल दिया।
त्रिपुरा के राजकुमार प्राद्योत मानिक्य ने राज्य के गवर्नर को औपचारिक पत्र लिखकर 18 टीटीएएडीसी बिलों पर शीघ्र कार्यवाही करने का आग्रह किया। ये बिल ट्रिपुरा जनजातीय क्षेत्रों स्वायत्त जिला परिषद (TTAADC) में प्रस्तुत किए गए हैं और प्रशासनिक व विकासात्मक पहलुओं को छूते हैं, परंतु इन्हें लागू होने के लिए गवर्नर की स्वीकृति आवश्यक है।
प्राद्योत ने बताया कि इन प्रस्तावों में कई ऐसे मुद्दे शामिल हैं जो भारतीय संविधान के छठे अनुसूची के तहत आते हैं, जैसे भूमि स्वामित्व, संसाधन प्रबंधन और स्थानीय शासन। उन्होंने कहा कि इस अनुसूची की सुरक्षा जनजातीय समुदायों की पारंपरिक भूमि अधिकारों को संरक्षित रखने और विकास योजनाओं को उनके अधिकारों के अनुरूप बनाने के लिए आवश्यक है।
राजकुमार ने गवर्नर से त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया, यह चेतावनी देते हुए कि देर होने पर भूमि संबंधी विवाद बढ़ सकते हैं और जनजातीय क्षेत्रों के संवैधानिक संरक्षण को नुकसान पहुँच सकता है। लेखन के समय गवर्नर के कार्यालय से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है।
प्राद्योत ने बताया कि इन प्रस्तावों में कई ऐसे मुद्दे शामिल हैं जो भारतीय संविधान के छठे अनुसूची के तहत आते हैं, जैसे भूमि स्वामित्व, संसाधन प्रबंधन और स्थानीय शासन। उन्होंने कहा कि इस अनुसूची की सुरक्षा जनजातीय समुदायों की पारंपरिक भूमि अधिकारों को संरक्षित रखने और विकास योजनाओं को उनके अधिकारों के अनुरूप बनाने के लिए आवश्यक है।
राजकुमार ने गवर्नर से त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया, यह चेतावनी देते हुए कि देर होने पर भूमि संबंधी विवाद बढ़ सकते हैं और जनजातीय क्षेत्रों के संवैधानिक संरक्षण को नुकसान पहुँच सकता है। लेखन के समय गवर्नर के कार्यालय से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है।