📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Brendonmotom
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त्रिपुरा के राज्यपाल ने असम राइफल्स द्वारा संकलित ‘त्रिपुरा: द लैंड ऑफ़ टाइमलेस टेल्स’ पुस्तक का अनावरण
✍️ India Today NE
🗓 26 अग. 2026, 04:18 AM
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त्रिपुरा के राज्यपाल ने असम राइफल्स द्वारा संकलित नई पुस्तक “त्रिपुरा: द लैंड ऑफ़ टाइमलेस टेल्स” का अनावरण किया, जो राज्य की लोककथाओं और सांस्कृतिक धरोहर को उजागर करती है।
त्रिपुरा के राज्यपाल ने असम राइफल्स के कर्मचारियों द्वारा संकलित नई पुस्तक “त्रिपुरा: द लैंड ऑफ़ टाइमलेस टेल्स” का अनावरण किया। इस पुस्तक में राज्य की पुरानी लोककथाएँ, दंतकथाएँ और मौखिक इतिहास को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक का उद्देश्य इन कहानियों को लिखित रूप में संरक्षित करना है, जिससे शोधकर्ता और आम जनता दोनों को त्रिपुरा की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का दस्तावेज़ मिल सके। असम राइफल्स के अधिकारियों ने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में उनकी उपस्थिति ने स्थानीय समुदायों के साथ घनिष्ठ संपर्क स्थापित किया, जिससे इन मौखिक परम्पराओं को दर्ज करना संभव हुआ।
समारोह के दौरान राज्यपाल ने रक्षा बलों और नागरिक समाज के बीच सहयोग को सराहा और कहा कि ऐसी पहलें दोनों के बीच संबंध को मजबूत करती हैं। यह पुस्तक राज्य के स्कूलों, पुस्तकालयों और सांस्कृतिक संस्थानों में वितरित की जाएगी।
यह लॉन्च भारत में रक्षा एजेंसियों द्वारा विरासत संरक्षण में योगदान के बढ़ते रुझान को दर्शाता है, जो सुरक्षा के पारंपरिक दायरे से बाहर जाकर विविध परम्पराओं को संरक्षित करने की प्रतिबद्धता को उजागर करता है।
पुस्तक का उद्देश्य इन कहानियों को लिखित रूप में संरक्षित करना है, जिससे शोधकर्ता और आम जनता दोनों को त्रिपुरा की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का दस्तावेज़ मिल सके। असम राइफल्स के अधिकारियों ने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में उनकी उपस्थिति ने स्थानीय समुदायों के साथ घनिष्ठ संपर्क स्थापित किया, जिससे इन मौखिक परम्पराओं को दर्ज करना संभव हुआ।
समारोह के दौरान राज्यपाल ने रक्षा बलों और नागरिक समाज के बीच सहयोग को सराहा और कहा कि ऐसी पहलें दोनों के बीच संबंध को मजबूत करती हैं। यह पुस्तक राज्य के स्कूलों, पुस्तकालयों और सांस्कृतिक संस्थानों में वितरित की जाएगी।
यह लॉन्च भारत में रक्षा एजेंसियों द्वारा विरासत संरक्षण में योगदान के बढ़ते रुझान को दर्शाता है, जो सुरक्षा के पारंपरिक दायरे से बाहर जाकर विविध परम्पराओं को संरक्षित करने की प्रतिबद्धता को उजागर करता है।