📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ordnance Factory Tiruchirappalli
अपराध
ट्रिची के पेनकिलर पेड्डलर अब तमिलनाडु के बाहर से बड़ी मात्रा में दवाइयाँ खरीद रहे हैं
✍️ The Times of India
🗓 18 जुल. 2026, 05:33 PM
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रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रिची के अवैध टैपेंटाडोल पेड्डलर अब तमिलनाडु के बाहर से बड़ी मात्रा में पेनकिलर दवाइयाँ खरीद रहे हैं।
ट्रिची पुलिस ने टैपेंटाडोल, एक शक्तिशाली पेनकिलर, के अवैध स्रोत को उजागर किया है। जांचकर्ताओं का कहना है कि पेड्डलर अब तमिलनाडु के बाहर के विक्रेताओं से दवाइयाँ बड़ी मात्रा में खरीद रहे हैं। इस कदम से उन्हें स्थानीय कानून प्रवर्तन की निगरानी से बचने और वितरण बढ़ाने में मदद मिल रही है।
तमिलनाडु पुलिस ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है, खासकर उन स्थानों पर जहाँ दवा तस्करी के मामले अक्सर होते हैं। उन्होंने सीमा पार शिपमेंट पर नजर रखने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय भी किया है। प्रारंभिक सबूत बताते हैं कि बड़ी मात्रा में खरीदारी मध्यस्थों के माध्यम से की जा रही है, जो दवाइयों के मूल को छिपाते हैं।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि टैपेंटाडोल का बढ़ता प्रवाह स्थानीय आबादी में दुरुपयोग और नशे की समस्या को बढ़ा सकता है। वे नागरिकों को संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करने और दवा दुरुपयोग का संदेह होने पर सहायता लेने का आग्रह करते हैं। पुलिस ने पहचाने गए सप्लायरों पर कार्रवाई की योजना बनाई है और पेड्डलरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी।
यह मामला भारत में प्रिस्क्रिप्शन दवा दुरुपयोग को नियंत्रित करने की बढ़ती चुनौती को दर्शाता है। यह अंतर‑राज्य सहयोग और फार्मास्यूटिकल सप्लाई चेन की सख्त निगरानी की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।
तमिलनाडु पुलिस ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है, खासकर उन स्थानों पर जहाँ दवा तस्करी के मामले अक्सर होते हैं। उन्होंने सीमा पार शिपमेंट पर नजर रखने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय भी किया है। प्रारंभिक सबूत बताते हैं कि बड़ी मात्रा में खरीदारी मध्यस्थों के माध्यम से की जा रही है, जो दवाइयों के मूल को छिपाते हैं।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि टैपेंटाडोल का बढ़ता प्रवाह स्थानीय आबादी में दुरुपयोग और नशे की समस्या को बढ़ा सकता है। वे नागरिकों को संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करने और दवा दुरुपयोग का संदेह होने पर सहायता लेने का आग्रह करते हैं। पुलिस ने पहचाने गए सप्लायरों पर कार्रवाई की योजना बनाई है और पेड्डलरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी।
यह मामला भारत में प्रिस्क्रिप्शन दवा दुरुपयोग को नियंत्रित करने की बढ़ती चुनौती को दर्शाता है। यह अंतर‑राज्य सहयोग और फार्मास्यूटिकल सप्लाई चेन की सख्त निगरानी की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।