📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / 3 kids in a trenchcoat
खानपान
जयपुर के आसलपुर में लकड़ी की आंच पर बनी पारंपरिक मिठाइयाँ
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 07 नव. 2026, 04:17 PM
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आसलपुर के दो मिठाई की दुकानों में आज भी मिट्टी की भट्टी और लकड़ी की धीमी आंच पर ताज़ा दूध से मावा बनाकर पारंपरिक मिठाइयाँ तैयार की जाती हैं।
जयपुर के बाहरी इलाके में स्थित आसलपुर गाँव में दो पारिवारिक मिठाई की दुकानें औद्योगिक उत्पादन के दौर में भी अपनी परम्परा को नहीं छोड़ पाई हैं। यहाँ अभी भी मिट्टी की भट्टी (भट्टी) में लकड़ी की धीमी आंच पर ताज़ा दूध को गाढ़ा करके मावा तैयार किया जाता है।
भट्टी में तैयार मावा को हाथ से आकार देकर फिर उसी भट्टी में पकाया जाता है, जिससे मिठाइयों में वह अनोखी धुएँ की सुगंध आती है, जो आधुनिक ओवन में नहीं मिलती।
दुकान मालिकों का कहना है कि लकड़ी की आंच से मिलने वाला स्वाद और बनावट अनमोल है, इसलिए वे इलेक्ट्रिक मिक्सर और औद्योगिक ओवन को नहीं अपनाते। इस तरह वे राजस्थान की ग्रामीण मिठाई परम्परा को जीवित रख रहे हैं।
इन दुकानों ने स्थानीय और पर्यटक दोनों को आकर्षित किया है, जो असली ग्रामीण मिठाई का स्वाद चाहते हैं। यह उदाहरण दर्शाता है कि छोटे उद्यम भी तेज़ी से बदलते समय में परम्परागत खाद्य विधियों को संरक्षित कर सकते हैं।
भट्टी में तैयार मावा को हाथ से आकार देकर फिर उसी भट्टी में पकाया जाता है, जिससे मिठाइयों में वह अनोखी धुएँ की सुगंध आती है, जो आधुनिक ओवन में नहीं मिलती।
दुकान मालिकों का कहना है कि लकड़ी की आंच से मिलने वाला स्वाद और बनावट अनमोल है, इसलिए वे इलेक्ट्रिक मिक्सर और औद्योगिक ओवन को नहीं अपनाते। इस तरह वे राजस्थान की ग्रामीण मिठाई परम्परा को जीवित रख रहे हैं।
इन दुकानों ने स्थानीय और पर्यटक दोनों को आकर्षित किया है, जो असली ग्रामीण मिठाई का स्वाद चाहते हैं। यह उदाहरण दर्शाता है कि छोटे उद्यम भी तेज़ी से बदलते समय में परम्परागत खाद्य विधियों को संरक्षित कर सकते हैं।