📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Khorang
राजनीति
टिप्रा मोथा ने ट्रिपुरा एडीसी गांव चुनाव से पहले बीजेपी पर दबाव बढ़ाया
✍️ The Times of India
🗓 18 अग. 2026, 11:03 PM
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ट्रिपुरा एडीसी के गांव चुनाव नज़दीक आने पर टिप्रा मोथा ने बीजेपी पर अपना दबाव बढ़ा दिया है।
ट्रिपुरा के ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (एडीसी) के गांव स्तर के चुनाव अगले कुछ हफ्तों में होने वाले हैं, जिससे राज्य के जनजातीय क्षेत्रों में स्थानीय शासन का दिशा-निर्देश तय होगा। यह चुनाव क्षेत्र में सीमित स्तर की जमीनी लड़ाई के रूप में विशेष ध्यान आकर्षित कर रहा है।
टिप्रा मोथा पार्टी, जो जनजातीय समुदाय में प्रमुख है, ने सार्वजनिक रूप से अपनी अभियान गतिविधियों को तेज़ कर दिया है और भाजपा पर दबाव बढ़ाने का इशारा किया है। पार्टी के नेताओं ने प्रमुख गांवों का दौरा किया, स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों से मुलाकात की और उन मुद्दों पर ज़ोर दिया जिन्हें वे भाजपा की उपेक्षा मानते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि टिप्रा मोथा की इस तेज़ी से चल रही पहल एडीसी चुनावों में मतदाताओं की धारणाओं को बदल सकती है और भाजपा के जनजातीय क्षेत्रों में समर्थन को कमज़ोर कर सकती है। दोनों पार्टियां चुनाव की तारीख नज़दीक आते ही अपने-अपने कार्यकर्ताओं को जुटाते रहने की संभावना है, जिससे यह गांव चुनाव जमीनी स्तर पर उनकी लोकप्रियता की कसौटी बन जाएगा।
एडीसी गांव चुनावों का परिणाम राज्य राजनीति पर भी असर डाल सकता है, क्योंकि ट्रिपुरा में जनजातीय वोटों का रणनीतिक महत्व है। पर्यवेक्षक देखेंगे कि टिप्रा मोथा का दबाव मतपत्र में वास्तविक लाभ में बदलता है या नहीं।
टिप्रा मोथा पार्टी, जो जनजातीय समुदाय में प्रमुख है, ने सार्वजनिक रूप से अपनी अभियान गतिविधियों को तेज़ कर दिया है और भाजपा पर दबाव बढ़ाने का इशारा किया है। पार्टी के नेताओं ने प्रमुख गांवों का दौरा किया, स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों से मुलाकात की और उन मुद्दों पर ज़ोर दिया जिन्हें वे भाजपा की उपेक्षा मानते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि टिप्रा मोथा की इस तेज़ी से चल रही पहल एडीसी चुनावों में मतदाताओं की धारणाओं को बदल सकती है और भाजपा के जनजातीय क्षेत्रों में समर्थन को कमज़ोर कर सकती है। दोनों पार्टियां चुनाव की तारीख नज़दीक आते ही अपने-अपने कार्यकर्ताओं को जुटाते रहने की संभावना है, जिससे यह गांव चुनाव जमीनी स्तर पर उनकी लोकप्रियता की कसौटी बन जाएगा।
एडीसी गांव चुनावों का परिणाम राज्य राजनीति पर भी असर डाल सकता है, क्योंकि ट्रिपुरा में जनजातीय वोटों का रणनीतिक महत्व है। पर्यवेक्षक देखेंगे कि टिप्रा मोथा का दबाव मतपत्र में वास्तविक लाभ में बदलता है या नहीं।