📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bernard Gagnon
स्थानीय
टाइगरस ने उमरड़-करहंडला से पेंच टाइगर रिज़र्व तक 150 किमी का मार्ग तय किया
✍️ Mid-Day
🗓 02 नव. 2026, 12:36 PM
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एक बाघिनी ने उमरड़-करहंडला से पेंच टाइगर रिज़र्व तक 150 किमी के वन क्षेत्र में यात्रा की, जिससे उसकी विस्तृत गतिशीलता स्पष्ट हुई।
वन अधिकारियों ने रिपोर्ट किया कि एक बाघिनी ने उमरड़-करहंडला से पेंच टाइगर रिज़र्व तक 150 किलोमीटर की दूरी तय की।
यह मार्ग घने जंगलों से होकर कई जिलों में फैला हुआ था, जो जानवर की विविध भूभागों में नेविगेट करने की क्षमता को दर्शाता है।
ऐसी लंबी दूरी की गतिशीलता स्वस्थ आनुवंशिक प्रवाह और दोनों संरक्षित क्षेत्रों के बीच अच्छी तरह से जुड़ी बाघ आबादी का संकेत देती है।
वन्यजीव प्राधिकरण बाघ की गतिविधियों पर नज़र रखना जारी रखेंगे ताकि आवास कनेक्टिविटी का मूल्यांकन किया जा सके और भविष्य की संरक्षण योजनाओं को सूचित किया जा सके।
यह मार्ग घने जंगलों से होकर कई जिलों में फैला हुआ था, जो जानवर की विविध भूभागों में नेविगेट करने की क्षमता को दर्शाता है।
ऐसी लंबी दूरी की गतिशीलता स्वस्थ आनुवंशिक प्रवाह और दोनों संरक्षित क्षेत्रों के बीच अच्छी तरह से जुड़ी बाघ आबादी का संकेत देती है।
वन्यजीव प्राधिकरण बाघ की गतिविधियों पर नज़र रखना जारी रखेंगे ताकि आवास कनेक्टिविटी का मूल्यांकन किया जा सके और भविष्य की संरक्षण योजनाओं को सूचित किया जा सके।