📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / VOA
राजनीति
गंगटोक में तिब्बती युवा चीन के ‘जातीय एकता कानून’ के खिलाफ शांति रैली
✍️ indiatodayne.in
🗓 09 अग. 2026, 09:58 AM
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गंगटोक में तिब्बती युवाओं ने चीन के ‘जातीय एकता कानून’ के खिलाफ शांति रैली आयोजित की, यह मांग करते हुए कि यह कानून तिब्बत पर लागू न हो।
गंगटोक, सिक्किम की राजधानी में, तिब्बती युवाओं ने चीन के नए ‘जातीय एकता कानून’ के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने बैनर लहराते हुए और नारे लगाते हुए तिब्बत पर इस कानून के लागू न होने की मांग की।
इस रैली में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया और किसी भी प्रकार की हिंसा या पुलिस के साथ झड़प नहीं हुई। स्थानीय अधिकारियों ने इस सभा की अनुमति दी, जिससे विरोधियों को सार्वजनिक मंच पर अपनी चिंताएँ व्यक्त करने का अवसर मिला।
कानून के आलोचक कहते हैं कि यह कानून अल्पसंख्यक अधिकारों और सांस्कृतिक स्वायत्तता को कमजोर कर सकता है, जो तिब्बती समुदाय के लिए विशेष रूप से चिंताजनक है। यह प्रदर्शन चीन की घरेलू नीतियों के तिब्बत पर संभावित प्रभाव के प्रति तिब्बती प्रवासी समुदाय की बढ़ती चिंता को दर्शाता है।
हालाँकि रैली शांतिपूर्वक समाप्त हुई, आयोजकों ने तिब्बती अधिकारों के लिए लगातार वकालत करने और भारतीय व चीनी अधिकारियों के साथ संवाद जारी रखने का संकल्प लिया।
इस रैली में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया और किसी भी प्रकार की हिंसा या पुलिस के साथ झड़प नहीं हुई। स्थानीय अधिकारियों ने इस सभा की अनुमति दी, जिससे विरोधियों को सार्वजनिक मंच पर अपनी चिंताएँ व्यक्त करने का अवसर मिला।
कानून के आलोचक कहते हैं कि यह कानून अल्पसंख्यक अधिकारों और सांस्कृतिक स्वायत्तता को कमजोर कर सकता है, जो तिब्बती समुदाय के लिए विशेष रूप से चिंताजनक है। यह प्रदर्शन चीन की घरेलू नीतियों के तिब्बत पर संभावित प्रभाव के प्रति तिब्बती प्रवासी समुदाय की बढ़ती चिंता को दर्शाता है।
हालाँकि रैली शांतिपूर्वक समाप्त हुई, आयोजकों ने तिब्बती अधिकारों के लिए लगातार वकालत करने और भारतीय व चीनी अधिकारियों के साथ संवाद जारी रखने का संकल्प लिया।