🔥 ट्रेंडिंग पंचायती संस्थाओं आरक्षण लॉटरी की तारीख... अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने निवास... अवार्ड विजेता फ़िल्म निर्माता डॉमिनिक... अरुणाचल प्रदेश के सीएम ने इटानगर स्कूल... उधमपुर में सुरक्षा ऑपरेशन में दो आतंकि... उधमपुर में दो आतंकियों की मार, सुरक्षा...
17 सित. 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
PM मोदी द्वारा कुनो नेशनल पार्क में छोड़े 8 चीतों में से 3 अभी भी जीवित
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
विज्ञान

PM मोदी द्वारा कुनो नेशनल पार्क में छोड़े 8 चीतों में से 3 अभी भी जीवित

✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh 🗓 17 सित. 2026, 11:15 AM 👁 11
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

चार साल बाद मध्यप्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में पीएम मोदी द्वारा छोड़े गए 8 चीतों में से अब केवल तीन ही जीवित हैं, जबकि आशा‑ज्वाला के प्रयासों से भारतीय चीतों की संख्या में नई पीढ़ी जुड़ी है।

मध्यप्रदेश के कुनो नेशनल पार्क ने 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आठ चीतों को भारत में फिर से परिचित करने का ऐतिहासिक कदम उठाया। अफ्रीकी अभयारण्यों से लाए गए इन चीतों को मध्य भारत के घास के मैदानों में स्वदेशी जनसंख्या स्थापित करने के उद्देश्य से छोड़ा गया था।

पार्क अधिकारियों के हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, अब केवल तीन ही चीत जीवित हैं। शेष पाँच चीत प्राकृतिक कारणों या स्वास्थ्य समस्याओं के कारण इस अवधि में नहीं बच पाए। जीवित चीतों को अब एक निगरानी वाले प्रजनन कार्यक्रम में रखा गया है, जिसका लक्ष्य जीन पूल को बढ़ाना और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।

संरक्षण कार्यकर्ता आशा और ज्वाला ने इस कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिन्होंने हाल ही में कई शावकों का जन्म सफलतापूर्वक करवाया। उनके प्रयासों से कुनो में भारतीय चीतों की कुल संख्या पाँच तक पहुँच गई है, जिसमें नई पीढ़ी के शावक भी शामिल हैं।

पार्क की वन्यजीव विभाग लगातार पशु चिकित्सा देखभाल, आवास प्रबंधन और अवैध शिकार रोकथाम के उपायों को लागू कर रही है, ताकि शेष चीतों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। जीवित रहने की दर पुनःपरिचय की कठिनाइयों को दर्शाती है, पर आशा, ज्वाला और पार्क कर्मचारियों की प्रगति भविष्य में इस प्रजाति के लिए आशा की किरण बनती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि निरंतर निधि और स्थानीय समुदाय की भागीदारी इस गति को बनाए रखने और अंततः चीतों को बाहरी समर्थन के बिना स्वावलंबी बनाने में निर्णायक होगी।
📲Get App