📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Raimond Spekking
अपराध
बैतूल में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मोरखा शाखा में 1.14 करोड़ धोखाधड़ी, तीन और गिरफ्तार
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 27 अक्टू. 2026, 09:01 AM
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बैतूल में पुलिस ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मोरखा शाखा में 1.14 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में तीन और आरोपियों को हिरासत में लिया, जिसमें नाबालिग के जरिए पाँच खातों में धन ट्रांसफर किया गया था।
मध्य प्रदेश के बैतूल में पुलिस ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मोरखा शाखा में 1.14 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़े तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अनियमित लेन‑देनों की रिपोर्ट मिलने के बाद शुरू हुई जांच में अब इन नए गिरफ्तारियों को भी शामिल किया गया है।
जांच के अनुसार, एक नाबालिग को माध्यम बनाकर पाँच अलग‑अलग खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की गई, जिससे कुल राशि लगभग 1.14 करोड़ रुपये हुई। इस तरीके से धन के स्रोत को छिपाया गया था।
गिरफ्तार किए गए तीन व्यक्तियों पर इन ट्रांसफर को समन्वित करने, लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने और खाताधारकों की पहचान छुपाने का आरोप है। वे आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में हैं।
प्राधिकरण शेष खातों का पता लगाने और भारतीय दंड संहिता तथा मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत आरोप दर्ज करने की प्रक्रिया में हैं। इस मामले में कोई चोट या अन्य आपराधिक घटना दर्ज नहीं हुई है।
यह घटना इस बात पर प्रकाश डालती है कि नाबालिगों का उपयोग करके वित्तीय धोखाधड़ी कैसे की जा रही है, जिससे बैंकों में निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने की आवश्यकता बढ़ गई है।
जांच के अनुसार, एक नाबालिग को माध्यम बनाकर पाँच अलग‑अलग खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की गई, जिससे कुल राशि लगभग 1.14 करोड़ रुपये हुई। इस तरीके से धन के स्रोत को छिपाया गया था।
गिरफ्तार किए गए तीन व्यक्तियों पर इन ट्रांसफर को समन्वित करने, लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने और खाताधारकों की पहचान छुपाने का आरोप है। वे आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में हैं।
प्राधिकरण शेष खातों का पता लगाने और भारतीय दंड संहिता तथा मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत आरोप दर्ज करने की प्रक्रिया में हैं। इस मामले में कोई चोट या अन्य आपराधिक घटना दर्ज नहीं हुई है।
यह घटना इस बात पर प्रकाश डालती है कि नाबालिगों का उपयोग करके वित्तीय धोखाधड़ी कैसे की जा रही है, जिससे बैंकों में निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने की आवश्यकता बढ़ गई है।