📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rohit Sharma
अपराध
अरुणाचल में ठेकेदार को नकली 17 करोड़ की पीएमजीएसवाई मंजूरी पत्र से धोखा, 3 गिरफ्तार
✍️ Northeast Today
🗓 28 अग. 2026, 10:48 PM
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अरुणाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के ठेकेदार को 17 करोड़ रुपये की नकली मंजूरी पत्र से धोखा दिया गया, जिससे तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।
अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत काम कर रहे ठेकेदार को 17 करोड़ रुपये की नकली मंजूरी पत्र से धोखा देने का आरोप है। यह झूठा दस्तावेज़ आधिकारिक स्वीकृति के रूप में प्रस्तुत किया गया था, जिससे ठेकेदार ने योजना के तहत कार्य आरंभ करने के लिए बड़ी राशि आवंटित की।
जांच के अनुसार, जब इस दस्तावेज़ की प्रामाणिकता पर सवाल उठाया गया, तो पता चला कि यह बनावटी है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीन संदिग्धों ने आधिकारिक कागजात बनाकर ठेकेदार को धोखा दिया और सरकारी योजना को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की।
संदिग्धों को अब हिरासत में रखा गया है और उनके खिलाफ फर्जी दस्तावेज़ बनाना तथा धोखाधड़ी के आरोपों में आगे की पूछताछ की जा रही है।
यह घटना बड़े बुनियादी ढाँचा योजनाओं में मंजूरी प्रक्रिया की कमजोरियों को उजागर करती है। अधिकारियों ने सभी ठेकेदारों और संबंधित एजेंसियों से अनुरोध किया है कि वे आधिकारिक संचार को निर्धारित चैनलों के माध्यम से सत्यापित करें।
मामले की जांच राज्य के धोखाधड़ी और बनावट के कानूनों के तहत चल रही है, और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के परिणामों पर निर्भर करेगी।
जांच के अनुसार, जब इस दस्तावेज़ की प्रामाणिकता पर सवाल उठाया गया, तो पता चला कि यह बनावटी है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीन संदिग्धों ने आधिकारिक कागजात बनाकर ठेकेदार को धोखा दिया और सरकारी योजना को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की।
संदिग्धों को अब हिरासत में रखा गया है और उनके खिलाफ फर्जी दस्तावेज़ बनाना तथा धोखाधड़ी के आरोपों में आगे की पूछताछ की जा रही है।
यह घटना बड़े बुनियादी ढाँचा योजनाओं में मंजूरी प्रक्रिया की कमजोरियों को उजागर करती है। अधिकारियों ने सभी ठेकेदारों और संबंधित एजेंसियों से अनुरोध किया है कि वे आधिकारिक संचार को निर्धारित चैनलों के माध्यम से सत्यापित करें।
मामले की जांच राज्य के धोखाधड़ी और बनावट के कानूनों के तहत चल रही है, और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के परिणामों पर निर्भर करेगी।