📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rbrechko
राजनीति
राजस्थान निकाय चुनाव में थर्ड फ्रंट की ताकत, आरएलपी ने 14 जिलों में पहुँच बनाई
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 15 सित. 2026, 06:01 PM
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आरएलपी ने नागौर से बाहर होते हुए राजस्थान के 14 जिलों में अपनी पहुंच बनाई है, जबकि आप ने बारां और सीपीएम ने नोखा में जीत दर्ज की।
राजस्थान के निकाय चुनावों में थर्ड फ्रंट का उदय भाजपा‑कांग्रेस के दोहरे प्रभुत्व को चुनौती दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नई राजनीतिक धारा मतदाताओं को एक स्पष्ट विकल्प प्रदान कर सकती है।
राष्ट्रवादी लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने नागौर से बाहर निकलते हुए अब 14 जिलों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। पार्टी ने कुल 63 वार्डों में जीत हासिल की, जिससे उसकी जमीनी ताकत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
इसी बीच आप ने बारां जिले में और सीपीएम ने नोखा में जीत दर्ज की, जो थर्ड फ्रंट की व्यापक पहुंच को दर्शाती है।
राजनीति विश्लेषकों का कहना है कि यह प्रवृत्ति मतदाताओं में दो बड़े दलों के प्रति थकान को दर्शाती है और भविष्य में राज्य स्तर पर एक तृतीय विकल्प के रूप में उभर सकती है। हालांकि, इन दलों को अपनी संगठनात्मक नींव को मजबूत करने की आवश्यकता है।
आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इस बदलाव को नज़र में रखा जाएगा, क्योंकि इन उभरते दलों की ताकत गठबंधन की गतिशीलता को बदल सकती है।
राष्ट्रवादी लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने नागौर से बाहर निकलते हुए अब 14 जिलों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। पार्टी ने कुल 63 वार्डों में जीत हासिल की, जिससे उसकी जमीनी ताकत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
इसी बीच आप ने बारां जिले में और सीपीएम ने नोखा में जीत दर्ज की, जो थर्ड फ्रंट की व्यापक पहुंच को दर्शाती है।
राजनीति विश्लेषकों का कहना है कि यह प्रवृत्ति मतदाताओं में दो बड़े दलों के प्रति थकान को दर्शाती है और भविष्य में राज्य स्तर पर एक तृतीय विकल्प के रूप में उभर सकती है। हालांकि, इन दलों को अपनी संगठनात्मक नींव को मजबूत करने की आवश्यकता है।
आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इस बदलाव को नज़र में रखा जाएगा, क्योंकि इन उभरते दलों की ताकत गठबंधन की गतिशीलता को बदल सकती है।