📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Birds_on_the_wire.jpg: Tomascastelazo
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अपराध
द द वायर के पत्रकार को मिल रहे हैं मौत के खतरे
✍️ TheWire.in
🗓 04 अक्टू. 2026, 02:46 PM
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द द वायर के एक पत्रकार ने अपने कार्य के कारण मिलने वाले मौत के खतरों को उजागर किया, और इतिहास में कैम्ब्रिज में पढ़े anti‑colonial नेताओं की तुलना की।
द द वायर के एक रिपोर्टर ने सार्वजनिक रूप से बताया कि अपने पत्रकारिता कार्य के कारण उसे मौत के खतरे मिल रहे हैं। उन्होंने अपने बयान में भारत के anti‑colonial नेताओं की तुलना की, जिन्होंने कभी कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के हॉलों में कदम रखा था, यह संकेत देते हुए कि विरोधी आवाज़ों को अक्सर डराने‑धमकाने का सामना करना पड़ता है।
पत्रकार ने किसी विशेष व्यक्ति या समूह का नाम नहीं लिया, पर यह कहा कि ये संदेश उनके और अन्य मीडिया पेशेवरों के लिए भय का माहौल बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान विदेश में पढ़े भारतीय नेताओं ने जिस जोखिम का सामना किया, वही आज के पत्रकारों को भी झेलना पड़ता है।
स्वतंत्रता संग्राम के समर्थकों ने इस बात पर चिंता जताई है कि पत्रकारों को मिलने वाले ऐसे खतरों से लोकतांत्रिक चर्चा कमजोर हो सकती है। द द वायर ने कहा कि वह इस स्थिति को करीब से देख रहा है और यदि खतरे जारी रहे तो कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सूचित करने पर विचार करेगा।
अभी तक कोई आधिकारिक पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है और इन खतरों के पीछे कौन है, यह अज्ञात बना हुआ है। यह बयान भारत में जांचात्मक रिपोर्टिंग को झेलने वाली चुनौतियों को उजागर करता है।
पत्रकार ने किसी विशेष व्यक्ति या समूह का नाम नहीं लिया, पर यह कहा कि ये संदेश उनके और अन्य मीडिया पेशेवरों के लिए भय का माहौल बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान विदेश में पढ़े भारतीय नेताओं ने जिस जोखिम का सामना किया, वही आज के पत्रकारों को भी झेलना पड़ता है।
स्वतंत्रता संग्राम के समर्थकों ने इस बात पर चिंता जताई है कि पत्रकारों को मिलने वाले ऐसे खतरों से लोकतांत्रिक चर्चा कमजोर हो सकती है। द द वायर ने कहा कि वह इस स्थिति को करीब से देख रहा है और यदि खतरे जारी रहे तो कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सूचित करने पर विचार करेगा।
अभी तक कोई आधिकारिक पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है और इन खतरों के पीछे कौन है, यह अज्ञात बना हुआ है। यह बयान भारत में जांचात्मक रिपोर्टिंग को झेलने वाली चुनौतियों को उजागर करता है।