दीपावली परिवार के साथ मिलकर मनाएं, सुरक्षा का रखें ध्यान पटाखों से जलने पर तत्काल ठंडे बहते पानी का करें उपयोग,
दीपावली परिवार के साथ मिलकर मनाएं, सुरक्षा का रखें ध्यान पटाखों से जलने पर तत्काल ठंडे बहते पानी का करें उपयोग,
दीपावली परिवार के साथ मिलकर मनाएं, सुरक्षा का रखें ध्यान
पटाखों से जलने पर तत्काल ठंडे बहते पानी का करें उपयोग, नजदीकी अस्पताल पहुंचें : डॉ. दुष्यंत लहरे
बिलासपुर। दीपावली खुशियों और रोशनी का पर्व है। इस त्योहार को परिवार के साथ मिलकर हर्षोल्लास से मनाएं, लेकिन इस दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। पटाखे जलाते समय थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसे देखते हुए मेडिबोन हॉस्पिटल के संचालक डॉ. दुष्यंत लहरे ने नागरिकों को सावधानी बरतने और पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय बताए हैं।
डॉ. दुष्यंत लहरे ने कहा कि दीपावली के दौरान पटाखे जलाते समय बच्चों पर विशेष निगरानी रखें। पटाखे खुले स्थान पर जलाएं और ज्वलनशील वस्तुओं से दूरी बनाए रखें। पटाखे जलाते समय पानी की बाल्टी या अन्य अग्निशमन व्यवस्था पास में रखें। बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें तथा आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मे का उपयोग करें।
उन्होंने बताया कि यदि पटाखे से कोई व्यक्ति जल जाए, तो घबराने के बजाय तुरंत जले हुए हिस्से पर लगभग 20 मिनट तक साफ, ठंडा बहता पानी डालें। जले हुए स्थान पर बर्फ, टूथपेस्ट, घी या तेल न लगाएं और फफोलों को न फोड़ें। गंभीर रूप से जलने, चेहरे या आंखों पर चोट लगने अथवा सांस लेने में परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लें और मरीज को नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।
डॉ. लहरे ने नागरिकों से अपील की कि दीपावली के उत्साह में सुरक्षा को नजरअंदाज न करें। पटाखों का इस्तेमाल सावधानीपूर्वक करें और बच्चों, बुजुर्गों तथा आसपास के लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखें। थोड़ी सी सतर्कता से त्योहार को सुरक्षित और खुशहाल बनाया जा सकता है।
पटाखों से जलने पर तत्काल ठंडे बहते पानी का करें उपयोग, नजदीकी अस्पताल पहुंचें : डॉ. दुष्यंत लहरे
बिलासपुर। दीपावली खुशियों और रोशनी का पर्व है। इस त्योहार को परिवार के साथ मिलकर हर्षोल्लास से मनाएं, लेकिन इस दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। पटाखे जलाते समय थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसे देखते हुए मेडिबोन हॉस्पिटल के संचालक डॉ. दुष्यंत लहरे ने नागरिकों को सावधानी बरतने और पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय बताए हैं।
डॉ. दुष्यंत लहरे ने कहा कि दीपावली के दौरान पटाखे जलाते समय बच्चों पर विशेष निगरानी रखें। पटाखे खुले स्थान पर जलाएं और ज्वलनशील वस्तुओं से दूरी बनाए रखें। पटाखे जलाते समय पानी की बाल्टी या अन्य अग्निशमन व्यवस्था पास में रखें। बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें तथा आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मे का उपयोग करें।
उन्होंने बताया कि यदि पटाखे से कोई व्यक्ति जल जाए, तो घबराने के बजाय तुरंत जले हुए हिस्से पर लगभग 20 मिनट तक साफ, ठंडा बहता पानी डालें। जले हुए स्थान पर बर्फ, टूथपेस्ट, घी या तेल न लगाएं और फफोलों को न फोड़ें। गंभीर रूप से जलने, चेहरे या आंखों पर चोट लगने अथवा सांस लेने में परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लें और मरीज को नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।
डॉ. लहरे ने नागरिकों से अपील की कि दीपावली के उत्साह में सुरक्षा को नजरअंदाज न करें। पटाखों का इस्तेमाल सावधानीपूर्वक करें और बच्चों, बुजुर्गों तथा आसपास के लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखें। थोड़ी सी सतर्कता से त्योहार को सुरक्षित और खुशहाल बनाया जा सकता है।