दीपावली पर श्यामोली गांव मे ं पूर्वजों को जल अर्पित कियाः दीपावली पर गोठ गायन के साथ निभाई वर्षों पुरानी परंपरा
दीपावली के पावन पर्व पर मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के श्यामोली गांव में ग्रामीणो ं ने अपनी वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए पूर्वजों को नदी में जल अर्पित किया। इस दौरान गांव के बुजुर्गों के साथ युवा पीढ़ी ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और सामूहिक रूप से पूर्वजों का स्मरण किया।
दीपावली के अवसर पर ग्रामीण पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार गोठ गायन करते हुए डाव लेकर नदी पहुंचे। यहां विधि-विधान और परंपरागत तरीके से अपने पूर्वजों को पानी अर्पित किया। इस दौरान ग्रामीणो ं ने सामूहिक रूप से इस परंपरा को निभाते हुए पूर्वजों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
कई वर्षों से चली आ रही है परंपरा
ग्रामीण अखेराम गुर्जर ने बताया कि गांव में हर साल दीपावली के दिन नदी पर जाकर पूर्वजों को जल अर्पित करने की परंपरा निभाई जाती है। यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। गांव के बुजुर्गों द्वारा शुरू की गई इस परंपरा को आज भी युवा पीढ़ी पूरी श्रद्धा के साथ आग े बढ़ा रही है।
दीपावली के अवसर पर ग्रामीण पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार गोठ गायन करते हुए डाव लेकर नदी पहुंचे। यहां विधि-विधान और परंपरागत तरीके से अपने पूर्वजों को पानी अर्पित किया। इस दौरान ग्रामीणो ं ने सामूहिक रूप से इस परंपरा को निभाते हुए पूर्वजों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
कई वर्षों से चली आ रही है परंपरा
ग्रामीण अखेराम गुर्जर ने बताया कि गांव में हर साल दीपावली के दिन नदी पर जाकर पूर्वजों को जल अर्पित करने की परंपरा निभाई जाती है। यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। गांव के बुजुर्गों द्वारा शुरू की गई इस परंपरा को आज भी युवा पीढ़ी पूरी श्रद्धा के साथ आग े बढ़ा रही है।