📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / AnonymousUnknown author
अपराध
थाने कोर्ट ने 5 साल की बच्ची के यौन हमला मामले में आरोपी को बरी किया, जांच में खामियों की ओर इशारा
✍️ Mid-Day
🗓 26 सित. 2026, 11:46 PM
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थाने के एक कोर्ट ने 5 साल की बच्ची के यौन हमला के आरोप में आरोपी को बरी कर दिया, क्योंकि जांच में गंभीर खामियां पाई गईं।
थाने सत्र कोर्ट ने पाँच साल की बच्ची के यौन हमला मामले में आरोपी को बरी कर दिया, क्योंकि जांच में गंभीर प्रक्रिया संबंधी खामियां पाई गईं। जज ने कहा कि मुख्य सबूतों की कमी या गलत हैंडलिंग के कारण अभियोजन पक्ष साक्ष्य स्थापित नहीं कर सका। इस कारण अदालत ने यह निष्कर्ष निकाला कि अभियोजन ने दोष सिद्ध करने के लिये आवश्यक मानक नहीं पूरा किया।
कानूनी विशेषज्ञों ने बताया कि एफआईआर दाखिल करने में देरी, फॉरेंसिक दस्तावेज़ीकरण की कमी जैसी खामियां अक्सर यौन अपराधों की जांच की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं। बरी होने का फैसला उन परिवारों के लिए कठिनाई को उजागर करता है जो नाबालिग शिकार के मामलों में न्याय पाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस निर्णय ने बाल अधिकार संगठनों को पुलिस की कार्यवाही में कड़ी निगरानी की आवश्यकता पर चर्चा करने के लिये प्रेरित किया है। जबकि इस मामले में अदालत का फैसला अंतिम है, भविष्य में समान खामियों को रोकने के लिये जांच प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा सकती है।
कानूनी विशेषज्ञों ने बताया कि एफआईआर दाखिल करने में देरी, फॉरेंसिक दस्तावेज़ीकरण की कमी जैसी खामियां अक्सर यौन अपराधों की जांच की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं। बरी होने का फैसला उन परिवारों के लिए कठिनाई को उजागर करता है जो नाबालिग शिकार के मामलों में न्याय पाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस निर्णय ने बाल अधिकार संगठनों को पुलिस की कार्यवाही में कड़ी निगरानी की आवश्यकता पर चर्चा करने के लिये प्रेरित किया है। जबकि इस मामले में अदालत का फैसला अंतिम है, भविष्य में समान खामियों को रोकने के लिये जांच प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा सकती है।