दिल्ली पुलिस ने सेक्सटॉर्शन साइबर ठगी गिरोह का किया पर्दाफाश, चार गिरफ्तार; 14.63 लाख की ठगी का खुलासा
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर। दिल्ली पुलिस के उत्तरी जिले की साइबर थाना पुलिस ने सेक्सटॉर्शन के जरिए लोगों को ब्लैकमेल कर ठगी करने वाले संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों इमरान खान, समद खान, तस्लीम राजा और अंकित सैनी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड बरामद किए हैं। जांच में एक गुरुद्वारे के सेवादार से 14,63,999 रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने शिकायतकर्ता को व्हाट्सऐप पर अश्लील वीडियो भेजने के बाद खुद को गुरुग्राम पुलिस अधिकारी और यूट्यूब प्रतिनिधि बताकर संपर्क किया तथा गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर वीडियो हटाने व कथित एफआईआर से नाम निकलवाने के नाम पर पैसे वसूले। पीड़ित ने 11 सितंबर से 27 सितंबर 2025 के बीच अपने और अपने भतीजे के बैंक खातों से कई बार रकम ट्रांसफर की थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य कथित तौर पर 'Friends Search' एप के जरिए मोबाइल नंबर तलाशकर लोगों को निशाना बनाते थे। व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के दौरान पहले से रिकॉर्ड किया गया अश्लील वीडियो चलाकर कॉल रिकॉर्ड की जाती थी और बाद में उसी के आधार पर ब्लैकमेल किया जाता था। गिरोह के सदस्य खुद को पुलिस अधिकारी या सोशल मीडिया प्रतिनिधि बताकर पीड़ितों को गिरफ्तारी और बदनामी का डर दिखाते थे। ठगी की रकम विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर जल्द निकाल ली जाती थी। पुलिस ने करीब 100 संदिग्ध मोबाइल नंबरों और आईएमईआई की तकनीकी जांच के साथ बैंक खातों के लेनदेन का विश्लेषण किया। जांच में राजस्थान के डीग जिले के गांव कलतारिया और आसपास के क्षेत्रों का सुराग मिला। पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध खातों से विभिन्न राज्यों की 15 साइबर ठगी शिकायतें जुड़ी हैं और एक करोड़ रुपये से अधिक के डेबिट-क्रेडिट लेनदेन का पता चला है। इमरान खान पर बैंक खाते, सिम कार्ड और मोबाइल फोन उपलब्ध कराने तथा ठगी की रकम निकालकर अन्य सदस्यों तक पहुंचाने का आरोप है। उत्तरी जिले की डीसीपी निहारिका भट्ट के अनुसार, गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी, पूरे वित्तीय नेटवर्क का पता लगाने और अतिरिक्त पीड़ितों की पहचान के लिए जांच जारी है।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य कथित तौर पर 'Friends Search' एप के जरिए मोबाइल नंबर तलाशकर लोगों को निशाना बनाते थे। व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के दौरान पहले से रिकॉर्ड किया गया अश्लील वीडियो चलाकर कॉल रिकॉर्ड की जाती थी और बाद में उसी के आधार पर ब्लैकमेल किया जाता था। गिरोह के सदस्य खुद को पुलिस अधिकारी या सोशल मीडिया प्रतिनिधि बताकर पीड़ितों को गिरफ्तारी और बदनामी का डर दिखाते थे। ठगी की रकम विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर जल्द निकाल ली जाती थी। पुलिस ने करीब 100 संदिग्ध मोबाइल नंबरों और आईएमईआई की तकनीकी जांच के साथ बैंक खातों के लेनदेन का विश्लेषण किया। जांच में राजस्थान के डीग जिले के गांव कलतारिया और आसपास के क्षेत्रों का सुराग मिला। पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध खातों से विभिन्न राज्यों की 15 साइबर ठगी शिकायतें जुड़ी हैं और एक करोड़ रुपये से अधिक के डेबिट-क्रेडिट लेनदेन का पता चला है। इमरान खान पर बैंक खाते, सिम कार्ड और मोबाइल फोन उपलब्ध कराने तथा ठगी की रकम निकालकर अन्य सदस्यों तक पहुंचाने का आरोप है। उत्तरी जिले की डीसीपी निहारिका भट्ट के अनुसार, गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी, पूरे वित्तीय नेटवर्क का पता लगाने और अतिरिक्त पीड़ितों की पहचान के लिए जांच जारी है।