राजनीति
दिल्ली निगम चुनाव 2027: क्या भाजपा फिर काटेगी सभी सिटिंग पार्षदों के टिकट?
भाजपा में टिकटों को लेकर हलचल की चर्चा, क्या मौजूदा पार्षदों का कटेगा पत्ता?
दिल्ली निगम चुनाव 2027: क्या भाजपा फिर अपनाएगी 2017 का ‘नो रिपीट’ फॉर्मूला?
दिल्ली में आगामी नगर निगम चुनावों को लेकर यह सवाल अहम है कि क्या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक बार फिर अपने मौजूदा निगम पार्षदों के टिकट काटकर नए और युवा चेहरों को मौका देगी। वर्ष 2017 में पार्टी ने ऐसा ही बड़ा फैसला लिया था, जब तत्कालीन दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने ऐलान किया था कि किसी भी मौजूदा पार्षद और उनके परिजनों को टिकट नहीं दिया जाएगा। उस समय पार्टी ने नए नेतृत्व और युवा कार्यकर्ताओं को आगे लाने की बात कही थी।
लेकिन 2022 के निगम चुनावों से पहले भी भाजपा की ओर से बड़े पैमाने पर मौजूदा पार्षदों के टिकट बदलने की चर्चा हुई थी। उस समय पार्टी के नेताओं के हवाले से करीब 60–70 प्रतिशत सीटों पर पार्षदों को दोबारा टिकट न देने की संभावना जताई गई थी। हालांकि, इसे सभी मौजूदा पार्षदों के टिकट काटने का फैसला नहीं बताया गया था।
2027 के चुनावों को लेकर अभी क्या स्थिति है?
दिल्ली राज्य निर्वाचन आयोग की जानकारी के अनुसार, एमसीडी का अगला आम चुनाव दिसंबर 2027 सें जनवरी 2028 तक कराया जा सकता है। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में मुझे भाजपा की ओर से 2027 के चुनावों के लिए सभी मौजूदा पार्षदों के टिकट काटने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं मिली है।
इसलिए फिलहाल यह कहना उचित होगा कि 2017 वाला फॉर्मूला दोहराए जाने की संभावना पर चर्चा हो सकती है, लेकिन पार्टी ने ऐसा फैसला कर लिया है, इसकी पुष्टि नहीं है। टिकट का फैसला होने तक मौजूदा पार्षदों के राजनीतिक भविष्य को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.
दिल्ली में आगामी नगर निगम चुनावों को लेकर यह सवाल अहम है कि क्या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक बार फिर अपने मौजूदा निगम पार्षदों के टिकट काटकर नए और युवा चेहरों को मौका देगी। वर्ष 2017 में पार्टी ने ऐसा ही बड़ा फैसला लिया था, जब तत्कालीन दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने ऐलान किया था कि किसी भी मौजूदा पार्षद और उनके परिजनों को टिकट नहीं दिया जाएगा। उस समय पार्टी ने नए नेतृत्व और युवा कार्यकर्ताओं को आगे लाने की बात कही थी।
लेकिन 2022 के निगम चुनावों से पहले भी भाजपा की ओर से बड़े पैमाने पर मौजूदा पार्षदों के टिकट बदलने की चर्चा हुई थी। उस समय पार्टी के नेताओं के हवाले से करीब 60–70 प्रतिशत सीटों पर पार्षदों को दोबारा टिकट न देने की संभावना जताई गई थी। हालांकि, इसे सभी मौजूदा पार्षदों के टिकट काटने का फैसला नहीं बताया गया था।
2027 के चुनावों को लेकर अभी क्या स्थिति है?
दिल्ली राज्य निर्वाचन आयोग की जानकारी के अनुसार, एमसीडी का अगला आम चुनाव दिसंबर 2027 सें जनवरी 2028 तक कराया जा सकता है। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में मुझे भाजपा की ओर से 2027 के चुनावों के लिए सभी मौजूदा पार्षदों के टिकट काटने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं मिली है।
इसलिए फिलहाल यह कहना उचित होगा कि 2017 वाला फॉर्मूला दोहराए जाने की संभावना पर चर्चा हो सकती है, लेकिन पार्टी ने ऐसा फैसला कर लिया है, इसकी पुष्टि नहीं है। टिकट का फैसला होने तक मौजूदा पार्षदों के राजनीतिक भविष्य को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.