📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sclarkson
रक्षा
कश्मीर में आतंकवादियों ने 'LoRa' टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल शुरू किया, सुरक्षा के लिए नई चुनौती
✍️ NDTV
🗓 05 अक्टू. 2026, 06:36 PM
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जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों द्वारा LoRa तकनीक के उपयोग की पहचान की है, जो क्षेत्र में आतंकवादी कार्रवाइयों की उन्नत तकनीकी स्तर को दर्शाता है।
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने एक नई चुनौती की पहचान की है, जहाँ आतंकवादी समूह LoRa (लॉन्ग रेंज) तकनीक का उपयोग शुरू कर रहे हैं। यह बदलाव आतंकवादी समूहों द्वारा अधिक उन्नत संचार और निगरानी विधियों की ओर बढ़ने का संकेत है, जिससे कानून प्रवर्तन और सैन्य इकाइयों के प्रयास और जटिल हो गए हैं।
इस तकनीक की पहचान घाटी में सुरक्षा स्थिति के बदलते स्वरूप को उजागर करती है। हालांकि संचालन संबंधी विशिष्ट विवरण गोपनीय हैं, लेकिन इस उन्नत तकनीक की उपस्थिति से पता चलता है कि आतंकवादी नेटवर्क मौजूदा निगरानी और अंतर्प्रेषण उपायों का विरोध करने के लिए खुद को अनुकूलित कर रहे हैं।
अधिकारियों का अब ध्यान इस तकनीक के उपयोग की सीमा और इसका जारी प्रति-आतंकवादी कार्रवाइयों पर प्रभाव समझने पर केंद्रित है। LoRa, जो अपनी लंबी दूरी और कम पावर क्षमता के लिए जानी जाती है, क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए जिम्मेदार सुरक्षा बलों के लिए एक विशिष्ट तकनीकी बाधा पैदा करता है।
यह विकास भारतीय सुरक्षा बलों को आतंकवादी समूहों द्वारा कश्मीर में अपनाए जा रहे बदलते तरीकों से आगे रहने के लिए लगातार तकनीकी अद्यतन और खुफिया जानकारी एकत्र करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
इस तकनीक की पहचान घाटी में सुरक्षा स्थिति के बदलते स्वरूप को उजागर करती है। हालांकि संचालन संबंधी विशिष्ट विवरण गोपनीय हैं, लेकिन इस उन्नत तकनीक की उपस्थिति से पता चलता है कि आतंकवादी नेटवर्क मौजूदा निगरानी और अंतर्प्रेषण उपायों का विरोध करने के लिए खुद को अनुकूलित कर रहे हैं।
अधिकारियों का अब ध्यान इस तकनीक के उपयोग की सीमा और इसका जारी प्रति-आतंकवादी कार्रवाइयों पर प्रभाव समझने पर केंद्रित है। LoRa, जो अपनी लंबी दूरी और कम पावर क्षमता के लिए जानी जाती है, क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए जिम्मेदार सुरक्षा बलों के लिए एक विशिष्ट तकनीकी बाधा पैदा करता है।
यह विकास भारतीय सुरक्षा बलों को आतंकवादी समूहों द्वारा कश्मीर में अपनाए जा रहे बदलते तरीकों से आगे रहने के लिए लगातार तकनीकी अद्यतन और खुफिया जानकारी एकत्र करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।