📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Intisar Ali
टेक्नोलॉजी
तेलंगाना सीएम ने टीसीएस के हाइपरवॉल्ट को कहा हैदराबाद एआई डेटा सेंटर जून 2028 तक शुरू करे
✍️ NDTV Profit
🗓 06 सित. 2026, 04:36 AM
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तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने टीसीएस के हाइपरवॉल्ट को हैदराबाद में जून 2028 तक एआई डेटा सेंटर शुरू करने का निर्देश दिया।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की हाइपरवॉल्ट शाखा से हैदराबाद में कृत्रिम बुद्धिमत्ता‑केंद्रित डेटा सेंटर को जून 2028 तक चालू करने का आग्रह किया।
हाइपरवॉल्ट, जो क्लाउड और डेटा‑इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुरक्षा‑विशेषज्ञता रखती है, इस सुविधा को उन्नत एआई कंप्यूट, एज नेटवर्किंग और कड़े डेटा‑गोपनीयता मानकों के साथ तैयार करने की योजना बना रही है, जो राज्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था योजना के साथ मेल खाती है।
यह कदम हैदराबाद को भारत के प्रमुख एआई हब में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे बड़े निवेश, रोजगार सृजन और स्थानीय स्टार्ट‑अप व अनुसंधान संस्थानों के लिए पारिस्थितिकी तंत्र का विकास होगा।
राज्य के आईटी और उद्योग विभागों ने इस परियोजना को सहयोग देने का आश्वासन दिया है और प्रगति की निगरानी के लिए त्रैमासिक समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएँगी, ताकि जून 2028 की समयसीमा पूरी हो सके।
समय पर पूर्ण होने पर यह डेटा सेंटर तेलंगाना को एआई बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल कर सकता है और आगे की निजी‑क्षेत्र साझेदारियों को आकर्षित कर सकता है।
हाइपरवॉल्ट, जो क्लाउड और डेटा‑इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुरक्षा‑विशेषज्ञता रखती है, इस सुविधा को उन्नत एआई कंप्यूट, एज नेटवर्किंग और कड़े डेटा‑गोपनीयता मानकों के साथ तैयार करने की योजना बना रही है, जो राज्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था योजना के साथ मेल खाती है।
यह कदम हैदराबाद को भारत के प्रमुख एआई हब में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे बड़े निवेश, रोजगार सृजन और स्थानीय स्टार्ट‑अप व अनुसंधान संस्थानों के लिए पारिस्थितिकी तंत्र का विकास होगा।
राज्य के आईटी और उद्योग विभागों ने इस परियोजना को सहयोग देने का आश्वासन दिया है और प्रगति की निगरानी के लिए त्रैमासिक समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएँगी, ताकि जून 2028 की समयसीमा पूरी हो सके।
समय पर पूर्ण होने पर यह डेटा सेंटर तेलंगाना को एआई बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल कर सकता है और आगे की निजी‑क्षेत्र साझेदारियों को आकर्षित कर सकता है।