📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Information and Public Relations Department, Gover
राजनीति
पटना में जेपी गोलंबर मार्च के दौरान तेजस्वी यादव को पुलिस ने हिरासत में लिया
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 19 अग. 2026, 10:02 PM
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जेपी गोलंबर से शुरू हुए मार्च के दौरान पटना पुलिस ने राजभवन मार्च के बाद तेजस्वी यादव और उनके सहयोगियों को आयकर के आरोप में हिरासत में लिया।
पटना पुलिस ने जेपी गोलंबर से शुरू हुए विरोध मार्च के दौरान विपक्षी नेता तेजस्वी यादव और उनके कुछ सहयोगियों को आयकर के आरोप में हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई तब हुई जब रैली शहर की सड़कों से गुजर रही थी, जिससे राजनीतिक माहौल में तीव्र तनाव उत्पन्न हुआ।
राष्ट्रवादी जनता दल (RJD) द्वारा आयोजित यह मार्च राज्य सरकार की नीतियों और विकास मुद्दों को उजागर करने के उद्देश्य से किया गया था। पुलिस ने बताया कि हिरासत चल रहे कर मामलों के आधार पर की गई और यह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई।
इस कदम की तुरंत विपक्षी दलों ने आलोचना की। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और वरिष्ठ जेडीयू (प्रशांत किशोर) ने इस कार्रवाई को राजनीतिक दांव के रूप में लेबल किया और हिरासत में लिए गए नेताओं की त्वरित रिहाई की मांग की। वहीं RJD ने कहा कि यह कार्रवाई आगामी चुनावों के संदर्भ में विरोध को दबाने की कोशिश है।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि कर चोरी एक गैर‑राजनीतिक अपराध है, परंतु उच्च दृश्यता वाले विरोध के दौरान इस तरह की कार्रवाई से कानून प्रवर्तन के दुरुपयोग के प्रश्न उठ सकते हैं। मामला आगे के दिनों में अदालतों में सुना जाएगा।
राष्ट्रवादी जनता दल (RJD) द्वारा आयोजित यह मार्च राज्य सरकार की नीतियों और विकास मुद्दों को उजागर करने के उद्देश्य से किया गया था। पुलिस ने बताया कि हिरासत चल रहे कर मामलों के आधार पर की गई और यह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई।
इस कदम की तुरंत विपक्षी दलों ने आलोचना की। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और वरिष्ठ जेडीयू (प्रशांत किशोर) ने इस कार्रवाई को राजनीतिक दांव के रूप में लेबल किया और हिरासत में लिए गए नेताओं की त्वरित रिहाई की मांग की। वहीं RJD ने कहा कि यह कार्रवाई आगामी चुनावों के संदर्भ में विरोध को दबाने की कोशिश है।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि कर चोरी एक गैर‑राजनीतिक अपराध है, परंतु उच्च दृश्यता वाले विरोध के दौरान इस तरह की कार्रवाई से कानून प्रवर्तन के दुरुपयोग के प्रश्न उठ सकते हैं। मामला आगे के दिनों में अदालतों में सुना जाएगा।