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15 सित. 2026
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*ट्रांसफार्मेटिव ट्यूजडे के तहत जिले भर के विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविरों का हुआ आयोजन* *बच्चों की सुरक्षा एवं बाल श्रम से बचाव मुख्य विषय*

✍️ रिपोर्टर: Rajendra Kumar sen 🗓 15 सित. 2026, 06:04 PM 👁 22
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*ट्रांसफार्मेटिव ट्यूजडे के तहत जिले भर के विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविरों का हुआ आयोजन*
*बच्चों की सुरक्षा एवं बाल श्रम से बचाव मुख्य विषय*
जैसलमेर, 15 सितम्बर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार ट्रांसफार्मेटिव ट्यूजडे के अन्तर्गत माह सितम्बर, 2026 की थीम ‘‘अजनबी से सावधान - मना करो, दूर जाओ, बताओ।’’ विषय पर जिला एवं तालुका स्तर पर विभिन्न विद्यालयों में बीडी व्यास न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय जैसलमेर, देव कुमार खत्री जज पोक्सो कोर्ट, महेन्द्र कुमार अग्रवाल, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश जैसलमेर, ललित पुरोहित सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रामपाल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जैसलमेर, वैभव गढवीर न्यायिक मजिस्ट्रेट, सुश्री महक सिंघल, अति. न्यायिक मजिस्ट्रेट, डा. महेन्द्र कुमार गोयल, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश पोकरण, नवीन रतनू अति. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पोकरण, आदित्य न्यायाधिकारी सांकड़ा, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्तागण मदनसिंह, मयंक व्यास, खेमेन्द्रसिंह तथा सुश्री शिप्रा तथा पीएलवी जगदीश ने जिले भर के विद्यालयों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम व विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किये।
कार्यक्रम में बालक- बालिकाओं को सम्बोधित करते हुए संदेश प्रसारित किया कि बच्चे एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण समाज की आधारशिला हैं और उनके अधिकारों तथा सुरक्षा के प्रति जागरूकता उनके समग्र विकास और कल्याण के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को सरल भाषा में जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों का अपनी सुरक्षा हेतु सतर्क रहते हुए अजनबी व अनजान लोगों से सावधान रहना चाहिए ताकि उनका अपहरण नहीं हो, पैसों के लालच में अपहरण कर बच्चों को मजदूरी, भीख या शारीरिक शोषण जैसे कामों में धकेल दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि बच्चे कभी भी ऐसी किसी भी तरह की घटना होने पर 1098 चाईल्ड लाईन अथवा नालसा 15100 हेल्पलाईन पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। किसी बालक से बाल श्रम लिया जा रहा हो तो इसकी जानकारी अपने अध्यापक, पुलिस से कर सकते हैं या विद्यालयों में स्थापित दीदी का बक्सा में बच्चे अपनी शिकायत गुप्त रूप से डाल सकते हैं जिनमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आवश्यक कार्यवाही एवं सहायता की जाएगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बाल दुर्व्यवहार रोकने और उसका समाधान करने तथा पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम प्राधिकरण पूर्व में भी आयोजित करता रहा है तथा सतत् जागृति के क्रम में भविष्य में भी विधिक जागरूकता कार्यक्रम विभिन्न विषयों को लेकर आयोजित किये जाते रहेंगे।
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