📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Michael Gäbler
टेक्नोलॉजी
तमिलनाडु ने तीन साल की बैटरी ऊर्जा भंडारण नीति जारी की
✍️ The Hindu
🗓 04 नव. 2026, 07:46 PM
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तमिलनाडु सरकार ने बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए तीन साल की नीति की घोषणा की, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा का एकीकरण सुदृढ़ होगा।
चेन्नई – तमिलनाडु सरकार ने बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) पर केंद्रित तीन साल की व्यापक नीति जारी की है। यह रूपरेखा बड़े‑पैमाने पर स्टोरेज समाधान को तेज़ी से स्थापित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है, जिससे सौर और पवन ऊर्जा के बढ़ते उत्पादन को संतुलित किया जा सके।
नीति में निर्माताओं, विकासकर्ताओं और अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए प्रोत्साहन उपायों का उल्लेख है और अगले तीन वर्षों में स्थापित किए जाने वाले स्टोरेज क्षमता के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। यह राज्य की विद्युत वितरण कंपनियों के साथ समन्वय को भी सुदृढ़ करेगी, जिससे ग्रिड की स्थिरता बनी रहे और नवीकरणीय ऊर्जा के कटौती को कम किया जा सके।
अधिकारियों ने कहा कि यह कदम भारत के व्यापक स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों के अनुरूप है और निजी निवेश को आकर्षित करते हुए स्टोरेज क्षेत्र में कुशल रोजगार सृजन की उम्मीद है।
घोषणा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई, जिसमें ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि शामिल थे, जिन्होंने स्पष्ट नियामक दिशा‑रेखा का स्वागत किया।
कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक विशेष कार्यदल बनाया गया है, जो त्रैमासिक प्रगति की समीक्षा करेगा और आवश्यकतानुसार संशोधन की सिफारिश करेगा।
नीति में निर्माताओं, विकासकर्ताओं और अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए प्रोत्साहन उपायों का उल्लेख है और अगले तीन वर्षों में स्थापित किए जाने वाले स्टोरेज क्षमता के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। यह राज्य की विद्युत वितरण कंपनियों के साथ समन्वय को भी सुदृढ़ करेगी, जिससे ग्रिड की स्थिरता बनी रहे और नवीकरणीय ऊर्जा के कटौती को कम किया जा सके।
अधिकारियों ने कहा कि यह कदम भारत के व्यापक स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों के अनुरूप है और निजी निवेश को आकर्षित करते हुए स्टोरेज क्षेत्र में कुशल रोजगार सृजन की उम्मीद है।
घोषणा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई, जिसमें ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि शामिल थे, जिन्होंने स्पष्ट नियामक दिशा‑रेखा का स्वागत किया।
कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक विशेष कार्यदल बनाया गया है, जो त्रैमासिक प्रगति की समीक्षा करेगा और आवश्यकतानुसार संशोधन की सिफारिश करेगा।