📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Michael Gäbler
शिक्षा
तमिलनाडु मंत्री ने कहा, स्कूल के मध्याह्न भोजन में चिकन बिरयानी होगी
✍️ Livemint
🗓 21 सित. 2026, 07:32 AM
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तमिलनाडु सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया कि राज्य के मध्याह्न भोजन योजना में चिकन बिरयानी शामिल की जाएगी, जिससे पोषण और लागत पर चर्चा छिड़ गई।
चेन्नई: तमिलनाडु सरकार के एक मंत्री ने बताया कि स्कूलों के मध्याह्न भोजन में अब चिकन बिरयानी शामिल की जाएगी। यह घोषणा राज्य के भोजन मेन्यू को विविध बनाने और छात्रों को प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा देने के उद्देश्य से की गई।
मंत्री ने कहा कि कई बच्चों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता, इसलिए इस बदलाव से उनका आहार संतुलित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जेल में बंद कैदियों को भी प्रोटीन‑समृद्ध भोजन मिलता है, इसलिए स्कूल के बच्चों को कम से कम वही मानक मिलना चाहिए।
यह प्रस्ताव मिश्रित प्रतिक्रियाएँ लेकर आया है। शिक्षा विभाग का कहना है कि इससे योजना की लागत बढ़ सकती है, जबकि पोषण विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि नियमित मांस का सेवन पारंपरिक शाकाहारी भोजन से अलग हो सकता है। सरकार ने अभी तक विस्तृत कार्यान्वयन योजना या बजट नहीं बताया है।
विपक्षी दलों ने इस कदम की समयसारिणी और व्यावहारिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना चाहिए। शिक्षा विभाग ने कहा कि सभी प्रतिक्रियाओं को सुनने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
मध्याह्न भोजन योजना, जो तमिलनाडु के लाखों स्कूल‑छात्रों को भोजन प्रदान करती है, राज्य की प्रमुख कल्याणकारी योजना बनी हुई है। किसी भी बदलाव के लिए राज्य के वित्त और स्वास्थ्य मंत्रालयों की मंजूरी आवश्यक होगी, और मंत्री ने कहा कि आगे की सलाह‑मशविरा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि कई बच्चों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता, इसलिए इस बदलाव से उनका आहार संतुलित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जेल में बंद कैदियों को भी प्रोटीन‑समृद्ध भोजन मिलता है, इसलिए स्कूल के बच्चों को कम से कम वही मानक मिलना चाहिए।
यह प्रस्ताव मिश्रित प्रतिक्रियाएँ लेकर आया है। शिक्षा विभाग का कहना है कि इससे योजना की लागत बढ़ सकती है, जबकि पोषण विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि नियमित मांस का सेवन पारंपरिक शाकाहारी भोजन से अलग हो सकता है। सरकार ने अभी तक विस्तृत कार्यान्वयन योजना या बजट नहीं बताया है।
विपक्षी दलों ने इस कदम की समयसारिणी और व्यावहारिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना चाहिए। शिक्षा विभाग ने कहा कि सभी प्रतिक्रियाओं को सुनने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
मध्याह्न भोजन योजना, जो तमिलनाडु के लाखों स्कूल‑छात्रों को भोजन प्रदान करती है, राज्य की प्रमुख कल्याणकारी योजना बनी हुई है। किसी भी बदलाव के लिए राज्य के वित्त और स्वास्थ्य मंत्रालयों की मंजूरी आवश्यक होगी, और मंत्री ने कहा कि आगे की सलाह‑मशविरा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।