📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Finance of India
शिक्षा
तमिलनाडु के मंत्री राजमोहन ने कहा सथ्याबा वीडियो AI-जनित, संस्थान का बचाव
✍️ ThePrint
🗓 08 अक्टू. 2026, 08:37 AM
👁 17
मंत्री राजमोहन ने सथ्याबा संस्थान से जुड़ी वायरल वीडियो को AI‑जनित कहकर खारिज किया और संस्थान की साख बचाई।
तमिलनाडु के मंत्री राजमोहन ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो को खारिज कर कहा कि यह सथ्याबा इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में दिखाए गए कथित दुराचार को दिखाता है, लेकिन वास्तव में यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा निर्मित है। उन्होंने जनता से कहा कि इस प्रकार की फर्जी सामग्री से भ्रमित न हों।
यह वीडियो, जिसमें कैंपस के अंदर अराजकता के दृश्य दिखाए गए थे, चेन्नई स्थित इस निजी इंजीनियरिंग कॉलेज को आलोचना के घेरे में लाने लगा। आलोचकों ने संस्थान की मानकों में गिरावट का आरोप लगाया, पर राजमोहन ने कहा कि संस्थान सभी नियामक मानकों को पूरा करता है।
मंत्री ने बताया कि उनके कार्यालय ने तकनीकी विशेषज्ञों से पुष्टि कर ली है कि यह क्लिप एआई‑जनित है, हालांकि विशेषज्ञों के नाम नहीं बताए गए। उन्होंने प्लेटफ़ॉर्म से इस क्लिप को हटाने की माँग की और कहा कि ऐसी धांधली शैक्षणिक संस्थानों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा सकती है।
सथ्याबा प्रशासन ने भी एक संक्षिप्त बयान में मंत्री के बयान का समर्थन किया और साइबर सेल को इस वीडियो के स्रोत की जांच करने के लिए औपचारिक शिकायत दर्ज की है। संस्थान ने शैक्षणिक उत्कृष्टता और छात्र सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
यह घटना भारत में बढ़ते डीप‑फेक तकनीक के खतरे और गलत सूचना को रोकने के लिए त्वरित सत्यापन तंत्र की आवश्यकता को उजागर करती है।
यह वीडियो, जिसमें कैंपस के अंदर अराजकता के दृश्य दिखाए गए थे, चेन्नई स्थित इस निजी इंजीनियरिंग कॉलेज को आलोचना के घेरे में लाने लगा। आलोचकों ने संस्थान की मानकों में गिरावट का आरोप लगाया, पर राजमोहन ने कहा कि संस्थान सभी नियामक मानकों को पूरा करता है।
मंत्री ने बताया कि उनके कार्यालय ने तकनीकी विशेषज्ञों से पुष्टि कर ली है कि यह क्लिप एआई‑जनित है, हालांकि विशेषज्ञों के नाम नहीं बताए गए। उन्होंने प्लेटफ़ॉर्म से इस क्लिप को हटाने की माँग की और कहा कि ऐसी धांधली शैक्षणिक संस्थानों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा सकती है।
सथ्याबा प्रशासन ने भी एक संक्षिप्त बयान में मंत्री के बयान का समर्थन किया और साइबर सेल को इस वीडियो के स्रोत की जांच करने के लिए औपचारिक शिकायत दर्ज की है। संस्थान ने शैक्षणिक उत्कृष्टता और छात्र सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
यह घटना भारत में बढ़ते डीप‑फेक तकनीक के खतरे और गलत सूचना को रोकने के लिए त्वरित सत्यापन तंत्र की आवश्यकता को उजागर करती है।