📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ginevrajocosa88
राजनीति
तमिलनाडु सरकार ने लेफ्ट छात्रों पर प्रतिबंध हटाया, मुख्य न्यायाधीश ने किया विरोध
✍️ The Times of India
🗓 19 अग. 2026, 08:33 PM
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विजय सरकार ने लेफ्ट संगठनों से जुड़े छात्रों पर लगाए प्रतिबंध को हटाया, मुख्य न्यायाधीश के विरोध के बाद।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लेफ्ट राजनीतिक संगठनों से जुड़े छात्रों पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने का फैसला किया है। यह आदेश, जो पहले कुछ शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने से रोकता था, मुख्य न्यायाधीश ने राज्य दौरे के दौरान उठाए गए आपत्तियों के बाद निरस्त किया गया।
सरकार ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश द्वारा उठाए गए संवैधानिक प्रश्नों को ध्यान में रखते हुए इस प्रतिबंध को अस्थिर माना गया और इसे वापस ले लिया गया। मूल आदेश की विस्तृत सीमा या किन संस्थानों पर यह लागू था, इस बारे में अभी कोई जानकारी जारी नहीं की गई है।
छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने इस कदम का स्वागत किया, इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की पुनर्स्थापना कहा। सरकार ने कहा कि वह कैंपस व्यवस्था बनाए रखते हुए संवैधानिक स्वतंत्रताओं का सम्मान करेगी।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह प्रतिबंध शिक्षा का मौलिक अधिकार और संगठित होने की स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है। उनके इस बयान ने नीति में शीघ्र परिवर्तन को प्रेरित किया।
शिक्षा विभाग जल्द ही नए दिशा-निर्देश जारी करेगा, जिससे राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले छात्रों की स्थिति स्पष्ट हो सके और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
सरकार ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश द्वारा उठाए गए संवैधानिक प्रश्नों को ध्यान में रखते हुए इस प्रतिबंध को अस्थिर माना गया और इसे वापस ले लिया गया। मूल आदेश की विस्तृत सीमा या किन संस्थानों पर यह लागू था, इस बारे में अभी कोई जानकारी जारी नहीं की गई है।
छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने इस कदम का स्वागत किया, इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की पुनर्स्थापना कहा। सरकार ने कहा कि वह कैंपस व्यवस्था बनाए रखते हुए संवैधानिक स्वतंत्रताओं का सम्मान करेगी।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह प्रतिबंध शिक्षा का मौलिक अधिकार और संगठित होने की स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है। उनके इस बयान ने नीति में शीघ्र परिवर्तन को प्रेरित किया।
शिक्षा विभाग जल्द ही नए दिशा-निर्देश जारी करेगा, जिससे राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले छात्रों की स्थिति स्पष्ट हो सके और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।