📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Timothy A. Gonsalves
स्थानीय
तमिलनाडु ने तीन नई हाथी गलियों की घोषणा की
✍️ The Hindu
🗓 28 अग. 2026, 04:04 PM
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तमिलनाडु सरकार ने हाथियों की सुरक्षित आवाज़ाही और मानव‑वन्यजीव टकराव कम करने के लिए तीन नई हाथी गलियों को आधिकारिक तौर पर सूचित किया है।
तमिलनाडु वन्यजीव विभाग ने राज्य में तीन अतिरिक्त हाथी गलियों को आधिकारिक रूप से सूचित किया है। यह कदम हाथियों के पारंपरिक प्रवास मार्गों को संरक्षित करने और मानव बस्तियों व कृषि क्षेत्रों के साथ टकराव को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इन गलियों को मौजूदा वन प्रबंधन योजनाओं में शामिल किया जाएगा और उनकी निगरानी की जाएगी।
राज्य ने कहा कि यह नई घोषणा पूर्व में उठाए गए संरक्षण उपायों को सुदृढ़ करती है और बढ़ते फसल नुकसान व सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करेगी। इस अधिसूचना में स्थानीय निकायों के साथ समन्वय करके विकास परियोजनाओं को इन मार्गों के अनुरूप बनाने का निर्देश भी शामिल है।
पर्यावरण संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया और त्वरित कार्यान्वयन तथा समुदाय में जागरूकता कार्यक्रमों की मांग की। सरकार ने कहा कि गलियों के पुनर्स्थापन और संकेतक बोर्ड स्थापित करने के लिए संसाधन आवंटित किए जाएंगे।
इन तीन गलियों से वन्यजीवों के बीच पारिस्थितिकीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी, जिससे हाथी टुकड़े‑टुकड़े हुए जंगलों के बीच बिना तनाव के प्रवास कर सकेंगे। प्रभावशीलता को मापने के लिए कैमरा ट्रैप और समय‑समय पर सर्वेक्षण जैसी निगरानी प्रणालियों को लागू किया जाएगा।
राज्य ने कहा कि यह नई घोषणा पूर्व में उठाए गए संरक्षण उपायों को सुदृढ़ करती है और बढ़ते फसल नुकसान व सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करेगी। इस अधिसूचना में स्थानीय निकायों के साथ समन्वय करके विकास परियोजनाओं को इन मार्गों के अनुरूप बनाने का निर्देश भी शामिल है।
पर्यावरण संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया और त्वरित कार्यान्वयन तथा समुदाय में जागरूकता कार्यक्रमों की मांग की। सरकार ने कहा कि गलियों के पुनर्स्थापन और संकेतक बोर्ड स्थापित करने के लिए संसाधन आवंटित किए जाएंगे।
इन तीन गलियों से वन्यजीवों के बीच पारिस्थितिकीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी, जिससे हाथी टुकड़े‑टुकड़े हुए जंगलों के बीच बिना तनाव के प्रवास कर सकेंगे। प्रभावशीलता को मापने के लिए कैमरा ट्रैप और समय‑समय पर सर्वेक्षण जैसी निगरानी प्रणालियों को लागू किया जाएगा।