📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Michael Gäbler
स्थानीय
तमिलनाडु के मछुआरे नई सचिवालय परियोजना के विरोध में जुटे, योजना वापस लेने की मांग
✍️ news18.com
🗓 22 सित. 2026, 02:32 PM
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तमिलनाडु के मछुआरों ने नई सचिवालय परियोजना के विरोध में प्रदर्शन किया, सरकार से योजना वापस लेने की मांग की।
तमिलनाडु के विभिन्न तटीय समुदायों के मछुआरे नई सचिवालय भवन के निर्माण के विरोध में एकत्र हुए। यह प्रदर्शन आज सुबह शुरू हुआ, जिसमें सैकड़ों मछुआरों ने स्थल तक पहुँच को अवरुद्ध कर दिया और योजना रद्द करने की मांग करते हुए नारों को बुलंद किया। वे तर्क देते हैं कि यह निर्माण मछली पकड़ने की गतिविधियों में बाधा डालेगा और स्थानीय समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुँचाएगा।
मछुआरों के संघ के प्रतिनिधियों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह परियोजना उनके जीविका पर असर डालेगी और तटीय जल में प्रदूषण बढ़ाएगी। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वे स्थान पर पुनर्विचार करें और ऐसे वैकल्पिक स्थल खोजें जो मछली पकड़ने के उद्योग को प्रभावित न करें।
राज्य सरकार ने अभी तक इस विरोध के प्रति कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, अधिकारियों ने कहा है कि वे मछुआरों द्वारा उठाए गए चिंताओं की समीक्षा करेंगे और अंतिम निर्णय लेने से पहले हितधारकों के साथ संवाद करेंगे।
यह प्रदर्शन तमिलनाडु भर के तटीय समुदायों के बीच एक व्यापक आंदोलन का हिस्सा है, जो समुद्री संसाधनों को खतरे में डालने वाले बड़े बुनियादी ढाँचे के परियोजनाओं से अपनी जीविका की रक्षा करना चाहते हैं।
मछुआरों के संघ के प्रतिनिधियों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह परियोजना उनके जीविका पर असर डालेगी और तटीय जल में प्रदूषण बढ़ाएगी। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वे स्थान पर पुनर्विचार करें और ऐसे वैकल्पिक स्थल खोजें जो मछली पकड़ने के उद्योग को प्रभावित न करें।
राज्य सरकार ने अभी तक इस विरोध के प्रति कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, अधिकारियों ने कहा है कि वे मछुआरों द्वारा उठाए गए चिंताओं की समीक्षा करेंगे और अंतिम निर्णय लेने से पहले हितधारकों के साथ संवाद करेंगे।
यह प्रदर्शन तमिलनाडु भर के तटीय समुदायों के बीच एक व्यापक आंदोलन का हिस्सा है, जो समुद्री संसाधनों को खतरे में डालने वाले बड़े बुनियादी ढाँचे के परियोजनाओं से अपनी जीविका की रक्षा करना चाहते हैं।