📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Michael Gäbler
राजनीति
तमिलनाडु CM ने 2021‑2026 के किसान‑शिक्षक विरोधों के सभी केस वापस लेने की घोषणा
✍️ News On AIR
🗓 09 नव. 2026, 02:01 AM
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मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कहा कि 2021‑2026 के दौरान किसान‑शिक्षक विरोधों में शामिल लोगों के खिलाफ दायर सभी केस रद्द कर दिए जाएंगे।
चेन्नई, तमिलनाडु – राज्य के आधिकारिक मंच पर मुख्य मंत्री एम.के. स्टालिन ने कहा कि 2021 से 2026 के बीच किसान और शिक्षक प्रदर्शनों में भाग लेने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ दायर किए गए आपराधिक व दीवानी मामलों को राज्य सरकार रद्द कर देगी। यह कदम कई वर्षों तक चलती कृषि नीतियों और शिक्षा सुधारों से जुड़ी असंतोष को कम करके सामाजिक सद्भावना को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
स्टालिन ने बताया कि यह निर्णय विरोधियों के प्रति सरकार की समझदारी और न्यायिक प्रक्रिया को लंबा खींचे बिना समाधान खोजने की इच्छा को दर्शाता है। यद्यपि कुल मामलों की संख्या सार्वजनिक नहीं की गई, परंतु अधिकारियों ने कहा कि यह रद्दीकरण सभी जिलों में समान रूप से लागू होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आगामी स्थानीय चुनावों से पहले दो प्रमुख समूहों – किसानों और शिक्षकों – के साथ संबंधों को पुनः स्थापित करने की कोशिश है। सरकार ने इन संघों के साथ नीति सुधारों पर चर्चा करने का वादा किया है, परंतु अभी तक कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है।
इस घोषणा पर अभी तक कोई कानूनी आपत्ति नहीं उठी है, और अगले कुछ दिनों में न्यायालय में आवश्यक याचिकाएँ दायर कर मामलों को आधिकारिक तौर पर बंद करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
स्टालिन ने बताया कि यह निर्णय विरोधियों के प्रति सरकार की समझदारी और न्यायिक प्रक्रिया को लंबा खींचे बिना समाधान खोजने की इच्छा को दर्शाता है। यद्यपि कुल मामलों की संख्या सार्वजनिक नहीं की गई, परंतु अधिकारियों ने कहा कि यह रद्दीकरण सभी जिलों में समान रूप से लागू होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आगामी स्थानीय चुनावों से पहले दो प्रमुख समूहों – किसानों और शिक्षकों – के साथ संबंधों को पुनः स्थापित करने की कोशिश है। सरकार ने इन संघों के साथ नीति सुधारों पर चर्चा करने का वादा किया है, परंतु अभी तक कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है।
इस घोषणा पर अभी तक कोई कानूनी आपत्ति नहीं उठी है, और अगले कुछ दिनों में न्यायालय में आवश्यक याचिकाएँ दायर कर मामलों को आधिकारिक तौर पर बंद करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।