📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Michael Gäbler
राजनीति
तमिलनाडु विधानसभा ने मद्रास हाई कोर्ट में तमिल भाषा के उपयोग का प्रस्ताव पारित किया
✍️ India Today
🗓 03 सित. 2026, 08:33 PM
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तमिलनाडु विधानसभा ने मद्रास हाई कोर्ट में कार्यवाही के लिए तमिल भाषा के उपयोग का प्रस्ताव पारित किया, जो डीएमके‑टीवीके के बीच चल रहे क्रेडिट विवाद के बीच आया है।
तमिलनाडु विधानसभा ने आधिकारिक रूप से एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें मद्रास हाई कोर्ट को अपने कार्यवाही में तमिल भाषा का उपयोग करने का आग्रह किया गया है। यह कदम राज्य की आधिकारिक भाषा को न्यायिक प्रणाली में अधिक प्रमुखता देने की दीर्घकालिक मांग को दर्शाता है।
प्रस्ताव के समर्थकों का कहना है कि अदालत की कार्यवाही में तमिल का प्रयोग करने से सामान्य जनता के लिए न्याय तक पहुँच आसान होगी और सांस्कृतिक पहचान को बल मिलेगा। वे यह भी मानते हैं कि पारंपरिक रूप से अंग्रेजी में चलने वाले हाई कोर्ट को राज्य की बहुसंख्यक भाषा के अनुरूप बनाना चाहिए।
यह कदम डीएमके और टीवीके के बीच चल रहे ‘क्रेडिट वार’ के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में आया है। दोनों दल क्षेत्रीय गर्व और भाषा नीति जैसे मुद्दों पर जन समर्थन जीतने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, और यह प्रस्ताव उस प्रतिस्पर्धा का हिस्सा माना जा रहा है।
मद्रास हाई कोर्ट ने अभी तक इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, और इसका कार्यान्वयन प्रक्रियात्मक अनुमोदन और संभावित विधायी संशोधनों पर निर्भर करेगा।
प्रस्ताव के समर्थकों का कहना है कि अदालत की कार्यवाही में तमिल का प्रयोग करने से सामान्य जनता के लिए न्याय तक पहुँच आसान होगी और सांस्कृतिक पहचान को बल मिलेगा। वे यह भी मानते हैं कि पारंपरिक रूप से अंग्रेजी में चलने वाले हाई कोर्ट को राज्य की बहुसंख्यक भाषा के अनुरूप बनाना चाहिए।
यह कदम डीएमके और टीवीके के बीच चल रहे ‘क्रेडिट वार’ के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में आया है। दोनों दल क्षेत्रीय गर्व और भाषा नीति जैसे मुद्दों पर जन समर्थन जीतने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, और यह प्रस्ताव उस प्रतिस्पर्धा का हिस्सा माना जा रहा है।
मद्रास हाई कोर्ट ने अभी तक इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, और इसका कार्यान्वयन प्रक्रियात्मक अनुमोदन और संभावित विधायी संशोधनों पर निर्भर करेगा।