कृषि
टोंक तहसील में बरसात से सरसों की बुआई को मिला वरदान, ज्वार‑ग्वार फसलों को है खतरा
टोंक तहसील में लगातार बरसात ने मिट्टी में नमी बढ़ा दी, जिससे सरसों की बुआई के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बन गईं, परन्तु ज्वार और ग्वार जैसी फसलें अधिक वर्षा से क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।
टोंक तहसील के आसपास के क्षेत्रों में लगातार बरसात के कारण मौसम खुशनुमा हो गया है,
जिससे स्थानीय किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। 3 -4 दिन से अंतराल में लगातार बारिश हो रही हे जिससे कि जमीन में पर्याप्त नमी हो गई हे ,
मेहंदवास गांव के किसान बद्रीलाल सैनी, नरसी यादव, हनुमान यादव, हरिराम यादव और बद्रीलाल बैरवा महेंद्र जैसे कई किसानों ने बताया कि इस वर्षा ने जमीन में पर्याप्त नमी भर दी है, जो सरसों की बुआई के लिए वरदान साबित होगी।
वहीं कुछ किसानों ने रिपोर्टर रामबाबू सैनी को बताया कि खेतों में खड़ी ज्वार, ग्वार आदि फसलों पर अधिक बारिश के कारण नुकसान का खतरा बढ़ गया है, ज्यादा तेज हवा चलने से कुछ स्थानों पर खड़ी फसलों में बहुत नुकसान हुआ हे
पिछले तीन‑चार दिनों से अंतराल में बरसात होने के कारण इस समय क्षेत्र में तापमान में निरंतर गिरावट देखी जा रही है, जो फसलों की वृद्धि पर अतिरिक्त प्रभाव डाल सकती है।
जिससे स्थानीय किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। 3 -4 दिन से अंतराल में लगातार बारिश हो रही हे जिससे कि जमीन में पर्याप्त नमी हो गई हे ,
मेहंदवास गांव के किसान बद्रीलाल सैनी, नरसी यादव, हनुमान यादव, हरिराम यादव और बद्रीलाल बैरवा महेंद्र जैसे कई किसानों ने बताया कि इस वर्षा ने जमीन में पर्याप्त नमी भर दी है, जो सरसों की बुआई के लिए वरदान साबित होगी।
वहीं कुछ किसानों ने रिपोर्टर रामबाबू सैनी को बताया कि खेतों में खड़ी ज्वार, ग्वार आदि फसलों पर अधिक बारिश के कारण नुकसान का खतरा बढ़ गया है, ज्यादा तेज हवा चलने से कुछ स्थानों पर खड़ी फसलों में बहुत नुकसान हुआ हे
पिछले तीन‑चार दिनों से अंतराल में बरसात होने के कारण इस समय क्षेत्र में तापमान में निरंतर गिरावट देखी जा रही है, जो फसलों की वृद्धि पर अतिरिक्त प्रभाव डाल सकती है।