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स्विगी, ज़ेप्टो, इटर्नल ने कर्नाटक गिग वर्कर्स एक्ट को हाईकोर्ट में दी चुनौती
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Muhammad Mahdi Karim/ Augustus Binu
बिज़नेस

स्विगी, ज़ेप्टो, इटर्नल ने कर्नाटक गिग वर्कर्स एक्ट को हाईकोर्ट में दी चुनौती

✍️ Business Standard 🗓 30 जून 2026, 06:01 AM 👁 41
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ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी, ज़ेप्टो और इटर्नल ने कर्नाटक हाईकोर्ट में राज्य के गिग वर्कर्स वेलफेयर एक्ट को चुनौती देते हुए याचिकाएं दायर की हैं। इस अधिनियम का उद्देश्य गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को कल्याणकारी लाभ प्रदान करना है।

प्रमुख ऑनलाइन फ़ूड और ग्रोसरी डिलीवरी सेवाएँ, स्विगी और ज़ेप्टो, एक अन्य इकाई इटर्नल के साथ, कर्नाटक गिग वर्कर्स वेलफेयर एक्ट, 2019 के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है। हाल ही में पारित इस कानून के प्रावधानों को चुनौती देने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की गई हैं।

कर्नाटक सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के रूप में काम करने वाले व्यक्तियों के लिए सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी लाभ सुनिश्चित करने के घोषित उद्देश्य से गिग वर्कर्स वेलफेयर एक्ट पारित किया था। इसमें डिलीवरी कर्मियों और अन्य समान भूमिकाओं के लोग शामिल हैं।

इन प्रमुख प्लेटफार्मों द्वारा की गई यह चुनौती एक्ट के दायरे, कार्यान्वयन, या उनके व्यावसायिक मॉडल पर पड़ने वाले वित्तीय प्रभावों के संबंध में संभावित असहमति का संकेत देती है। कानूनी चुनौती के विशिष्ट आधारों के संबंध में विस्तृत जानकारी मामले के आगे बढ़ने पर सामने आने की उम्मीद है।
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