📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Defence
स्वास्थ्य
सस्पेंड हुए कर्नाटक आईएएस अधिकारी ने टेस्टिकल कैंसर का दावा, कोर्ट में सुनवाई
✍️ The Times of India
🗓 26 सित. 2026, 05:33 AM
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कर्नाटक के एक सस्पेंड हुए आईएएस अधिकारी ने कोर्ट में टेस्टिकल कैंसर का दावा किया। कोर्ट इस मेडिकल दावे की जांच कर रहा है।
कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमिशन (केपीएससी) घोटाले में सस्पेंड हुए एक आईएएस अधिकारी ने कोर्ट में बताया कि उन्हें टेस्टिकल कैंसर है। हालिया सुनवाई में उन्होंने अपनी बीमारी का प्रमाण देने के लिए एक मेडिकल सर्टिफिकेट पेश किया और उचित राहत की मांग की।
कोर्ट ने इस स्वास्थ्य दावे की गंभीरता को मान्यता देते हुए, किसी भी प्रकार की स्थगन या रियायत देने से पहले दस्तावेज़ों की सत्यता जांचने का आदेश दिया। अभियोजन पक्ष के वकीलों ने कहा कि अधिकारी की स्वास्थ्य स्थिति के कारण केपीएससी घोटाले की जांच पर असर नहीं पड़ना चाहिए।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में भारतीय अदालतें अक्सर स्वतंत्र मेडिकल जांच करवाती हैं ताकि स्वास्थ्य दावे का दुरुपयोग न हो। अधिकारी की आगे की कार्यवाही में स्थगन की मांग कोर्ट के द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य के मूल्यांकन पर निर्भर है।
केपीएससी स्कैम, जिसमें भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं का आरोप है, कई एजेंसियों द्वारा जांचा जा रहा है। अधिकारी के स्वास्थ्य दावे ने इस हाई‑प्रोफ़ाइल मामले में एक नई जटिलता जोड़ दी है।
अधिकारी के उपचार या बीमारी की अवधि के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है, और कोर्ट ने अगले सप्ताह की सुनवाई निर्धारित की है।
कोर्ट ने इस स्वास्थ्य दावे की गंभीरता को मान्यता देते हुए, किसी भी प्रकार की स्थगन या रियायत देने से पहले दस्तावेज़ों की सत्यता जांचने का आदेश दिया। अभियोजन पक्ष के वकीलों ने कहा कि अधिकारी की स्वास्थ्य स्थिति के कारण केपीएससी घोटाले की जांच पर असर नहीं पड़ना चाहिए।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में भारतीय अदालतें अक्सर स्वतंत्र मेडिकल जांच करवाती हैं ताकि स्वास्थ्य दावे का दुरुपयोग न हो। अधिकारी की आगे की कार्यवाही में स्थगन की मांग कोर्ट के द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य के मूल्यांकन पर निर्भर है।
केपीएससी स्कैम, जिसमें भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं का आरोप है, कई एजेंसियों द्वारा जांचा जा रहा है। अधिकारी के स्वास्थ्य दावे ने इस हाई‑प्रोफ़ाइल मामले में एक नई जटिलता जोड़ दी है।
अधिकारी के उपचार या बीमारी की अवधि के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है, और कोर्ट ने अगले सप्ताह की सुनवाई निर्धारित की है।