📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
अपराध
सुप्रीम कोर्ट ने पीओसीएसओ मामलों में रिश्तेदारों को शामिल करने पर चेतावनी दी
✍️ The New Indian Express
🗓 26 जुल. 2026, 08:18 AM
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सुप्रीम कोर्ट ने पीओसीएसओ मामलों में रिश्तेदारों को शामिल करने से बचने की चेतावनी दी, पीड़ित और आरोपी पर ध्यान केंद्रित करने पर बल दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने पीओसीएसओ मामलों में रिश्तेदारों को शामिल करने की प्रथा पर चेतावनी दी, जिसे कानूनी विशेषज्ञों ने उठाया है।
कोर्ट ने जोर दिया कि ध्यान पीड़ित और आरोपी पर ही होना चाहिए, न कि पीड़ित के परिवार पर।
यह निर्णय उन रिपोर्टों के बाद आया है, जिनमें बताया गया है कि रिश्तेदार अक्सर जांच में शामिल हो जाते हैं, जिससे अनावश्यक दबाव और संभावित पक्षपात होता है।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अनपेक्षित रूप से रिश्तेदारों को शामिल किए बिना निष्पक्ष जांच करने के लिए कहा गया है।
इस निर्णय से भविष्य के पीओसीएसओ मामलों को दिशा मिलेगी और बाल पीड़ितों की सुरक्षा मजबूत होगी।
कोर्ट ने जोर दिया कि ध्यान पीड़ित और आरोपी पर ही होना चाहिए, न कि पीड़ित के परिवार पर।
यह निर्णय उन रिपोर्टों के बाद आया है, जिनमें बताया गया है कि रिश्तेदार अक्सर जांच में शामिल हो जाते हैं, जिससे अनावश्यक दबाव और संभावित पक्षपात होता है।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अनपेक्षित रूप से रिश्तेदारों को शामिल किए बिना निष्पक्ष जांच करने के लिए कहा गया है।
इस निर्णय से भविष्य के पीओसीएसओ मामलों को दिशा मिलेगी और बाल पीड़ितों की सुरक्षा मजबूत होगी।