📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
बिज़नेस
सुप्रीम कोर्ट ने 'उद्योग' पर ट्रिपल टेस्ट बरकरार रखा, नया कानून तैयार
✍️ Amar Ujala
🗓 20 अग. 2026, 02:40 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने 'उद्योग' की परिभाषा में ट्रिपल टेस्ट को बरकरार रखने का फैसला किया, जिससे आने वाले कानून पर प्रभाव पड़ेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने "उद्योग" की परिभाषा पर एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया है, जिसमें ट्रिपल टेस्ट को बरकरार रखने की पुष्टि की गई है। इस निर्णय के अनुसार, किसी गतिविधि को उद्योग के रूप में मान्यता देने के लिए उत्पादन, पूंजी निवेश और लाभ की इच्छा—तीन प्रमुख मानदंड—को पूरा करना आवश्यक है।
न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि ट्रिपल टेस्ट व्यवसायों और नियामकों दोनों के लिए एक स्पष्ट और सुसंगत ढाँचा प्रदान करता है, जिससे उद्योग की कानूनी परिभाषा स्थिर बनी रहती है। यह निर्णय भविष्य के कानूनों के निर्माण में मार्गदर्शन करेगा, जो उद्योग गतिविधियों को और अधिक व्यापक रूप से नियंत्रित करने का प्रयास करेंगे।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि जबकि ट्रिपल टेस्ट बरकरार है, न्यायालय ने उभरते हुए क्षेत्रों जैसे डिजिटल सेवाओं और हरित प्रौद्योगिकी को समायोजित करने के लिए भविष्य में संशोधनों की संभावना पर प्रकाश डाला है। यह निर्णय उद्योग नियमन के दायरे को स्पष्ट करने और विधायकों को मौजूदा कानूनों पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित करेगा।
यह फैसला उस समय आया है जब भारतीय अर्थव्यवस्था तेज़ी से बदल रही है, और नई उद्योगों जैसे प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा और ई-कॉमर्स का उदय हो रहा है। ट्रिपल टेस्ट को बनाए रखकर, सुप्रीम कोर्ट ने इन क्षेत्रों के लिए एक स्थिर कानूनी आधार तैयार किया है, जबकि विधायी विकास के लिए जगह भी छोड़ी है।
न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि ट्रिपल टेस्ट व्यवसायों और नियामकों दोनों के लिए एक स्पष्ट और सुसंगत ढाँचा प्रदान करता है, जिससे उद्योग की कानूनी परिभाषा स्थिर बनी रहती है। यह निर्णय भविष्य के कानूनों के निर्माण में मार्गदर्शन करेगा, जो उद्योग गतिविधियों को और अधिक व्यापक रूप से नियंत्रित करने का प्रयास करेंगे।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि जबकि ट्रिपल टेस्ट बरकरार है, न्यायालय ने उभरते हुए क्षेत्रों जैसे डिजिटल सेवाओं और हरित प्रौद्योगिकी को समायोजित करने के लिए भविष्य में संशोधनों की संभावना पर प्रकाश डाला है। यह निर्णय उद्योग नियमन के दायरे को स्पष्ट करने और विधायकों को मौजूदा कानूनों पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित करेगा।
यह फैसला उस समय आया है जब भारतीय अर्थव्यवस्था तेज़ी से बदल रही है, और नई उद्योगों जैसे प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा और ई-कॉमर्स का उदय हो रहा है। ट्रिपल टेस्ट को बनाए रखकर, सुप्रीम कोर्ट ने इन क्षेत्रों के लिए एक स्थिर कानूनी आधार तैयार किया है, जबकि विधायी विकास के लिए जगह भी छोड़ी है।