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20 सित. 2026
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा, एनडीपीएस अधिनियम के तहत जप्त वाहनों की रिहाई कोई कठोर सूत्र नहीं
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, एनडीपीएस अधिनियम के तहत जप्त वाहनों की रिहाई कोई कठोर सूत्र नहीं

✍️ Live Law 🗓 20 सित. 2026, 03:31 PM 👁 11
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सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत जप्त वाहनों की रिहाई किसी कठोर सूत्र से नियंत्रित नहीं है, और ट्रायल कोर्ट को हर मामले का व्यक्तिगत मूल्यांकन करने के लिए कहा।

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दिए गए निर्णय में कहा कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत जप्त वाहनों की रिहाई को एक यांत्रिक या सूत्रबद्ध प्रक्रिया के रूप में नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने जोर दिया कि हर मामले का उसके स्वयं के गुणों के आधार पर मूल्यांकन किया जाना चाहिए, जिसमें जप्ति के आसपास की परिस्थितियाँ और अपराध की प्रकृति को ध्यान में रखा जाए। इस निर्णय से यह संकेत मिलता है कि पहले की एक समान दृष्टिकोण से हटकर अब अधिक सूक्ष्म और परिस्थिति-आधारित निर्णय लिए जाएंगे। कानून प्रवर्तन एजेंसियों और अभियोजकों से अब अपेक्षा की जाती है कि वे किसी भी रिहाई अनुरोध के लिए विस्तृत औचित्य प्रस्तुत करें, ताकि न्यायालय संतुलित निर्णय ले सके। यह निर्णय ट्रायल कोर्ट को एनडीपीएस-संबंधित वाहन जप्तियों को संभालने के तरीके में बदलाव लाने की संभावना रखता है, जिससे अधिक केस-विशिष्ट परिणाम मिल सकते हैं।
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