📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
देश
सुप्रीम कोर्ट ने विदेशी तलाक के आदेश को भारत में मान्य नहीं ठहराया
✍️ INDToday
🗓 05 नव. 2026, 05:35 AM
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विदेश में जारी तलाक का आदेश भारत में लागू नहीं होगा, जब तक वह निर्धारित कानूनी शर्तों को पूरा नहीं करता।
सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि विदेश में जारी तलाक के आदेश को भारत में स्वतः मान्यता नहीं मिलती। कोर्ट ने कहा कि मान्यता के लिए भारतीय कानून के तहत उचित सेवा और अधिकार क्षेत्र जैसी शर्तें पूरी होनी चाहिए।
यह फैसला उन याचिकाओं के जवाब में आया था, जिनमें भारतीय नागरिकों ने विदेश में हुए तलाक को मान्य नहीं ठहराने की मांग की थी। कोर्ट ने बताया कि जब तक कोई द्विपक्षीय समझौता या स्पष्ट विधायी प्रावधान नहीं होता, भारतीय न्यायालय विदेशी आदेश को लागू नहीं कर सकते।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय विदेश में तलाक लेने वाले कई भारतीयों को प्रभावित करेगा। उन्हें अब भारतीय अदालत में तलाक के लिए आवेदन करना पड़ेगा या ऐसा नया आदेश लेना पड़ेगा जो घरेलू कानूनी मानदंडों को पूरा करता हो।
न्यायालय ने निचली अदालतों को प्रत्येक मामले की व्यक्तिगत जाँच करने और विदेशी कार्यवाही में संभावित प्रक्रिया संबंधी खामियों से पक्षों को नुकसान न पहुँचाने का निर्देश दिया है।
यह फैसला उन याचिकाओं के जवाब में आया था, जिनमें भारतीय नागरिकों ने विदेश में हुए तलाक को मान्य नहीं ठहराने की मांग की थी। कोर्ट ने बताया कि जब तक कोई द्विपक्षीय समझौता या स्पष्ट विधायी प्रावधान नहीं होता, भारतीय न्यायालय विदेशी आदेश को लागू नहीं कर सकते।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय विदेश में तलाक लेने वाले कई भारतीयों को प्रभावित करेगा। उन्हें अब भारतीय अदालत में तलाक के लिए आवेदन करना पड़ेगा या ऐसा नया आदेश लेना पड़ेगा जो घरेलू कानूनी मानदंडों को पूरा करता हो।
न्यायालय ने निचली अदालतों को प्रत्येक मामले की व्यक्तिगत जाँच करने और विदेशी कार्यवाही में संभावित प्रक्रिया संबंधी खामियों से पक्षों को नुकसान न पहुँचाने का निर्देश दिया है।