📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Diliff
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा: ईज़मेंट अधिकार के लिए विशेष दलील आवश्यक
✍️ Live Law
🗓 19 सित. 2026, 10:01 PM
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अदालत ने कहा कि ईज़मेंट अधिकार के दावे में मार्ग का स्पष्ट उल्लेख और पहचान आवश्यक है।
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ईज़मेंट अधिकार के लिए प्रिस्क्रिप्शन का दावा तभी मान्य होगा जब याचिका में अधिकार और संबंधित मार्ग का सटीक उल्लेख हो। हालिया फैसले में न्यायालय ने कहा कि सामान्य या अस्पष्ट दावे कानूनी मान्यता नहीं पाएँगे। यह निर्णय संपत्ति विवादों में विशेष रूप से लंबे समय से उपयोग किए जा रहे मार्ग को आधार बनाकर ईज़मेंट का दावा करने वालों के लिए प्रक्रिया को कड़ा कर देगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से प्रिस्क्रिप्शन ईज़मेंट के दावों में विस्तृत प्रमाण और निरंतर उपयोग का स्पष्ट दस्तावेज़ प्रस्तुत करना अनिवार्य हो जाएगा। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि यदि इन pleading आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया गया तो दावा खारिज हो सकता है।
यह निर्णय देश भर में चल रहे और भविष्य के संपत्ति मामलों को प्रभावित करेगा, वकीलों को याचिकाओं की तैयारी में अधिक सतर्कता अपनाने और स्पष्ट, प्रलेखित मार्गों के साथ दावे को समर्थन देने की दिशा में प्रेरित करेगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से प्रिस्क्रिप्शन ईज़मेंट के दावों में विस्तृत प्रमाण और निरंतर उपयोग का स्पष्ट दस्तावेज़ प्रस्तुत करना अनिवार्य हो जाएगा। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि यदि इन pleading आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया गया तो दावा खारिज हो सकता है।
यह निर्णय देश भर में चल रहे और भविष्य के संपत्ति मामलों को प्रभावित करेगा, वकीलों को याचिकाओं की तैयारी में अधिक सतर्कता अपनाने और स्पष्ट, प्रलेखित मार्गों के साथ दावे को समर्थन देने की दिशा में प्रेरित करेगा।