📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट ने तय किया कि केवल कबूलनामे से NSA के तहत दोषसिद्धि संभव नहीं, यूपी सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना
✍️ The Times of India
🗓 29 सित. 2026, 06:16 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि केवल कबूलनामे से NSA के तहत दोषसिद्धि संभव नहीं है और यूपी सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यह निर्णय दिया कि केवल कबूलनामे से राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत किसी को दोषी ठहराया नहीं जा सकता। अदालत ने जोर दिया कि दोषसिद्धि के लिए अतिरिक्त पुष्टिकारी साक्ष्य आवश्यक हैं।
यह फैसला एक वकील द्वारा दायर याचिका के बाद आया, जिसमें एक पूर्व कैदी की केवल कबूलनामे पर आधारित सजा को चुनौती दी गई थी। अदालत ने पाया कि कबूलनामे संदिग्ध परिस्थितियों में लिए गए थे और NSA की कठोर सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा नहीं करते।
अलग आदेश में, अदालत ने यूपी सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, क्योंकि सरकार ने मामले से संबंधित प्रक्रियागत नियमों का पालन नहीं किया। यह जुर्माना NSA के उपयोग में कानूनी सुरक्षा का पालन करने के महत्व को रेखांकित करता है।
इस निर्णय से देश भर में चल रहे NSA मामलों की समीक्षा की उम्मीद है और राष्ट्रीय सुरक्षा अभियोजन में कबूलनामों के उपयोग पर सख्त जांच हो सकती है।
यह फैसला एक वकील द्वारा दायर याचिका के बाद आया, जिसमें एक पूर्व कैदी की केवल कबूलनामे पर आधारित सजा को चुनौती दी गई थी। अदालत ने पाया कि कबूलनामे संदिग्ध परिस्थितियों में लिए गए थे और NSA की कठोर सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा नहीं करते।
अलग आदेश में, अदालत ने यूपी सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, क्योंकि सरकार ने मामले से संबंधित प्रक्रियागत नियमों का पालन नहीं किया। यह जुर्माना NSA के उपयोग में कानूनी सुरक्षा का पालन करने के महत्व को रेखांकित करता है।
इस निर्णय से देश भर में चल रहे NSA मामलों की समीक्षा की उम्मीद है और राष्ट्रीय सुरक्षा अभियोजन में कबूलनामों के उपयोग पर सख्त जांच हो सकती है।