📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Diliff
अपराध
सुप्रीम कोर्ट ने 2016 दिल्ली गैंग‑रेप अपराधी की सज़ा घटाकर 20 वर्ष कर दी
✍️ Law Trend
🗓 20 जुल. 2026, 07:02 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने 2016 दिल्ली गैंग‑रेप अपराधी की 30‑वर्षीय सज़ा घटाकर 20 वर्ष कर दी, प्रक्रिया में त्रुटियों और अनुपातिक दंड की आवश्यकता को दर्शाते हुए।
2016 में दिल्ली के एक पुरुष को गैंग‑रेप के दोषी ठहराया गया और उसे 30 वर्ष की कैद की सज़ा सुनाई गई। यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना, क्योंकि इसमें अपराध की गंभीरता और पीड़िता की गवाही पर आधारित साक्ष्य थे।
12 मार्च 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने सज़ा घटाकर 20 वर्ष कर दिया, यह कहते हुए कि ट्रायल में प्रक्रियागत त्रुटियाँ थीं और भारतीय दण्ड संहिता के तहत अनुपातिक दंड की आवश्यकता थी।
इस निर्णय ने कानूनी विद्वानों और पीड़ित परिवारों के बीच बहस को जन्म दिया है; कुछ ने प्रक्रियागत निष्पक्षता पर जोर देने की सराहना की, जबकि अन्य को डर है कि कम सज़ा अपराध की गंभीरता को कम कर सकती है।
यह फैसला भविष्य के समान मामलों में सज़ा निर्धारण पर प्रभाव डाल सकता है, जिससे न्यायालयों को प्रक्रियागत अनुपालन पर और अधिक ध्यान देने के लिए प्रेरित करेगा।
12 मार्च 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने सज़ा घटाकर 20 वर्ष कर दिया, यह कहते हुए कि ट्रायल में प्रक्रियागत त्रुटियाँ थीं और भारतीय दण्ड संहिता के तहत अनुपातिक दंड की आवश्यकता थी।
इस निर्णय ने कानूनी विद्वानों और पीड़ित परिवारों के बीच बहस को जन्म दिया है; कुछ ने प्रक्रियागत निष्पक्षता पर जोर देने की सराहना की, जबकि अन्य को डर है कि कम सज़ा अपराध की गंभीरता को कम कर सकती है।
यह फैसला भविष्य के समान मामलों में सज़ा निर्धारण पर प्रभाव डाल सकता है, जिससे न्यायालयों को प्रक्रियागत अनुपालन पर और अधिक ध्यान देने के लिए प्रेरित करेगा।